गढ़वा में हाथियों का आतंक, 24 घंटे में दो की मौत, गांवों में दहशत का माहौल

गढ़वा में हाथियों का कहर जारी, 24 घंटे में दो ग्रामीणों की मौत, जंगल में महुआ चुनने गए व्यक्ति पर हमला, गांवों में दहशत और प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी।

Neeral Prakash
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गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर हाथियों के झुंड ने दो लोगों की जान ले ली, जिससे पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भय का माहौल गहरा गया है। दोनों घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सामने आई हैं।

पहली घटना रंका प्रखंड के बाहोकुदर इलाके में हुई, जबकि दूसरी दर्दनाक घटना धुरकी थाना क्षेत्र के कदवा (उर्फ लिखनी धौरा) गांव में घटी। जानकारी के अनुसार, 62 वर्षीय दईब कोरवा महुआ चुनने के लिए जंगल गए थे, जहां उनका सामना जंगली हाथियों के झुंड से हो गया। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की।

काफी तलाश के बाद जंगल में उनका शव बरामद हुआ, जो हाथियों के पैरों के निशानों के पास पड़ा मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, इलाके में पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड सक्रिय था और दईब कोरवा अनजाने में उनके संपर्क में आ गए। हमला इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक अपने परिवार के मुखिया थे, और उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वनपाल प्रमोद कुमार यादव और धुरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

प्रशासन ने इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में भय व्याप्त है और वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।