
रांची: 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन पर शनिवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अपना पक्ष रखा गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी, जिसमें हेमंत सोरेन की ओर से ED की दलीलों का जवाब दिया जाएगा। इस केस में अभी आरोप तय होना बाकी है। इससे पहले 5 दिसंबर 2025 को हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और आरोपों से मुक्त करने की मांग की थी।
ED की जांच और कार्रवाई
इस मामले में ED ने कई बार छापेमारी की और कई लोगों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की है। इस केस में हेमंत सोरेन सहित कई जमीन कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। ED ने 31 जनवरी 2024 को पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें 28 जून 2024 को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। फिलहाल इस मामले में ED ने करीब डेढ़ दर्जन लोगों को चार्जशीटेड आरोपी बनाया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
