India’s Trade Deficit widens in December 2025 : दिसंबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल दिसंबर 2024 में यह घाटा 20.63 अरब Dollar था।
यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों से सामने आई है। आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान आयात में तेज बढ़ोतरी हुई, जबकि निर्यात में सीमित बढ़त देखने को मिली।

वस्तु निर्यात और आयात की स्थिति
मंत्रालय के अनुसार, दिसंबर 2025 में वस्तु निर्यात 1.88 प्रतिशत बढ़कर 38.51 अरब डॉलर रहा। वहीं, वस्तु आयात में 8.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 63.55 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
एक साल पहले दिसंबर 2024 में वस्तु आयात 58.43 अरब डॉलर था। आयात में तेज बढ़ोतरी के कारण व्यापार घाटा और बढ़ गया।
सेवाओं के कारोबार में गिरावट
सेवाओं के क्षेत्र में इस बार थोड़ी गिरावट देखी गई। दिसंबर 2025 में सेवाओं का निर्यात घटकर 35.50 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले यह 36.97 अरब डॉलर था। सेवाओं के आयात में भी कमी आई और यह 17.80 अरब डॉलर से घटकर 17.38 अरब डॉलर हो गया।
कुल निर्यात-आयात और व्यापार घाटा
वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर कुल निर्यात 74.01 अरब डॉलर रहा, जबकि कुल आयात 80.94 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस तरह सालाना आधार पर निर्यात में गिरावट और आयात में बढ़ोतरी हुई।
नतीजतन, कुल व्यापार घाटा दिसंबर 2024 के 1.46 अरब डॉलर से बढ़कर दिसंबर 2025 में 6.92 अरब डॉलर हो गया।
सरकार का बयान और आगे का अनुमान
राजेश अग्रवाल, वाणिज्य सचिव ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का वस्तु निर्यात दिसंबर में 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 अरब डॉलर रहा। उन्होंने बताया कि समीक्षाधीन माह में व्यापार घाटा करीब 25 अरब US Dollar रहा।
अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में वस्तु और सेवाओं का कुल निर्यात 850 अरब डॉलर से अधिक रह सकता है।




