
रांची: झारखंड हाईकोर्ट में वायु प्रदूषण से जुड़ी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान धनबाद में हो रही अवैध माइनिंग और उसके परिवहन को लेकर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि धनबाद में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है, जो चिंता का विषय है और जिससे वहां के लोगो को भी परेशानी का सामना करना पर रहा है। वहाँ के लोगो के स्वस्थ पर इसका असर साफ़ दिखाई दे रहा है । इस मामले में कोर्ट ने धनबाद के डीसी, एसएसपी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) के मेंबर सेक्रेटरी और धनबाद नगर आयुक्त को 2 अप्रैल को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
सीएमडी बीसीसीएल को भी उपस्थित रहने का आदेश
सुनवाई के दौरान अदालत ने बीसीसीएल के सीएमडी को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा है, ताकि वे इस मुद्दे पर अपना पक्ष और सुझाव रख सकें। चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि धनबाद में अवैध माइनिंग और कोयले के परिवहन से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जो लोगों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
अदालत ने यह भी कहा कि अवैध माइनिंग को रोकने के लिए पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। हालांकि बीसीसीएल की ओर से इस मामले में कई प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। इसके बावजूद इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर अदालत ने चिंता जताई।
लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
कोयले की ढुलाई के कारण धनबाद में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे लोगों को कई तरह की बीमारियों और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जनहित याचिका में उठाया गया मुद्दा
दरअसल, ग्रामीण एकता मंच ने धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वहीं बीसीसीएल ने अदालत को बताया कि कोयले की ढुलाई के दौरान पानी का छिड़काव और सफाई की व्यवस्था की जाती है तथा समय-समय पर इसकी निगरानी भी की जाती है।
