
Jharkhand Liquor Shops : झारखंड में संचालित 1343 शराब दुकानों में से 38 दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानें सरेंडर कर दी गई हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि कुल दुकानों की तुलना में यह संख्या काफी कम है और इससे व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
मंत्री ने जानकारी दी कि जिन दुकानों को सरेंडर किया गया है, उनके लिए नई बंदोबस्ती (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि संचालन सुचारु रूप से चलता रहे और राजस्व पर कोई असर न पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई दुकानों के लिए लागू नियमों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और आगे भी नियम यथावत रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, कई दुकानदारों ने आपसी साझेदारी (पार्टनरशिप) में तालमेल नहीं बैठने के कारण दुकानें छोड़ी हैं। वहीं, न्यूनतम गारंटी राजस्व (MGR) भी सरेंडर का एक प्रमुख कारण बनकर सामने आया है। कुछ कारोबारी अपने हिसाब से नियम लागू करना चाहते थे, लेकिन सरकार इस पर सख्त रुख अपनाए हुए है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि राज्य के राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए MGR तय किया गया है, जिसमें हर वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है। उन्होंने यह भी बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य से अधिक, यानी 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ है।
इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 को मिलाकर विभाग ने लगभग 7700 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।

