झारखंड में मॉर्निंग कोर्ट लागू, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगे न्यायिक कार्य

झारखंड में 6 अप्रैल से सभी सिविल कोर्ट में मॉर्निंग कोर्ट लागू, सुबह 7 से 12 बजे तक न्यायिक कार्य, अधिवक्ताओं और नागरिकों के लिए सुनवाई और सुविधा में सुधार।

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रांची: झारखंड में 6 अप्रैल से सभी सिविल कोर्ट में मॉर्निंग कोर्ट की नई व्यवस्था लागू हो गई है। इस व्यवस्था के तहत न्यायिक कार्य सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगे। सभी कोर्ट में सुबह 9:00 से 9:30 बजे तक भोजन अवकाश रहेगा, जिसके बाद कार्य दोबारा शुरू होकर दोपहर 12:00 बजे तक जारी रहेगा। यह नई व्यवस्था राज्य की सभी निचली अदालतों में 27 जून तक लागू रहेगी।

झारखंड हाई कोर्ट के निर्देशानुसार यह निर्णय लिया गया है ताकि न्यायिक कार्यों में सुधार और समय पर मुकदमों की सुनवाई सुनिश्चित की जा सके। अदालतों में समय पर कार्य करने से अधिवक्ताओं और नागरिकों दोनों के लिए सुविधा बढ़ेगी। निर्णय के बाद संबंधित अधिकारियों, बार एसोसिएशन और अन्य संस्थानों को इस नई व्यवस्था की सूचना भेज दी गई है। अधिकारी कहते हैं कि मॉर्निंग कोर्ट लागू होने के बाद लोगों को कोर्ट पहुंचने और मामलों की सुनवाई में आसानी होगी।

सिविल कोर्ट के नियमित कार्यों के साथ ही यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी। नागरिक और अधिवक्ता दोनों को समय का ध्यान रखते हुए कोर्ट में अपनी गतिविधियों का नियोजन करना होगा।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।