Important Meeting of Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं Indo-Pacific मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से मुलाकात की।
यह बैठक झारखंड और यूके के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने कई अहम विषयों पर खुलकर चर्चा की और भविष्य में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर सहमति जताई।

शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
बैठक में शिक्षा, कौशल विकास और उच्च अध्ययन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों देशों के छात्रों को बेहतर अवसर देने, मेंटरशिप, इंटर्नशिप और नेतृत्व विकास से जुड़े कार्यक्रम तैयार करने पर विचार हुआ।
उद्देश्य यह रहा कि पढ़ाई को सार्वजनिक सेवा के अनुभव से जोड़ा जा सके, जिससे युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान मिले।
उत्तरदायी खनन और जलवायु परिवर्तन
उत्तरदायी खनन, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे भी चर्चा का मुख्य हिस्सा रहे।
झारखंड में खनन से जुड़े क्षेत्रों में नई तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ प्रसंस्करण और पारदर्शिता लाने पर बात हुई।

इसके साथ ही मानव संसाधन, अनुसंधान, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में साझा प्रयासों पर सहमति बनी।
विश्वविद्यालयों और संस्थानों से साझेदारी
UK के प्रमुख विश्वविद्यालयों और Skills and Qualifications संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
इनमें खनन तकनीक, पर्यावरण एवं सततता, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम और फैकल्टी एक्सचेंज शामिल हैं।
छात्रवृत्ति योजनाओं की सराहना
बैठक के दौरान Gomke Jaipal Munda Overseas Scholarship और चेवनिंग स्कॉलरशिप की सराहना की गई।
बताया गया कि पिछले चार वर्षों में इन योजनाओं से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है, जो दोनों देशों की मजबूत साझेदारी का अच्छा उदाहरण है।
जलवायु वित्त और जस्ट ट्रांजिशन
यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन और श्रमिकों व समुदायों के समर्थन के लिए ट्रांजिशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
झारखंड को “Just Transition” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में स्थापित करने की बात भी सामने आई।
संस्कृति और विरासत संरक्षण
संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरल और प्रभावी माध्यमों पर चर्चा हुई।
भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के तहत झारखंड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण में सहयोग का आग्रह किया गया। स्टोनहेंज जैसे वैश्विक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकालिक संरक्षण पर जोर दिया गया।
आमंत्रण और आगे की पहल
मुख्यमंत्री ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखंड आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
इस अवसर पर यूके के Foreign, Commonwealth and Development Office (FCDO) के मुख्यालय का अवलोकन भी कराया गया। साथ ही यूके के प्रसिद्ध विरासत स्थल स्टोनहेंज आने का आमंत्रण भी दिया गया।




