गर्मी की आहट के साथ बढ़ा जल संकट, हजारों चापानल अब भी खराब

Archana Ekka
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Water Crisis Increases with the Onset of Summer: ठंड का मौसम अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और गर्मी की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में झारखंड के कई जिलों में पानी की परेशानी (Water Problem) गहराने की आशंका जताई जा रही है।

राज्य में बड़ी संख्या में चापानल खराब पड़े हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को पेयजल संकट (Drinking Water Crisis) का सामना करना पड़ सकता है।

जिला प्रशासन इस स्थिति से पूरी तरह अवगत है, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

हजारों चापानल पड़े हैं बेकार

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में कुल 2,66,000 चापानल हैं। इनमें से सिर्फ 1,95,226 चापानल ही काम कर रहे हैं, जबकि 70,792 चापानल खराब अवस्था में हैं।

यह संख्या चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि गर्मी में पानी की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ जाती है। शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका सीधा असर लोगों पर पड़ रहा है।

मरम्मत के लिए राशि मंजूर, काम अधूरा

जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने चापानलों की मरम्मत के लिए 10 मई 2025 को 259 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी थी।

साथ ही सभी जिलों के DC को निर्देश दिया गया था कि खराब चापानलों की मरम्मत का काम तेजी से पूरा कराया जाए। लेकिन कई जिलों में इस दिशा में लापरवाही देखने को मिली और काम समय पर पूरा नहीं हो सका।

ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी

खराब चापानलों का असर सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खास परेशानी होती है। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो गर्मी में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

यह स्थिति साफ संकेत देती है कि कागजों पर योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम समय पर न हो, तो आम लोगों को ही परेशानी झेलनी पड़ती है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।