

पलामू: नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी (NPU) में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर छात्र संगठनों ने अब कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। छात्रों ने मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। छात्र संगठनों का दावा है कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त यूनिवर्सिटी की ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।





पिछले तीन दिनों से ऑल पलामू स्टूडेंट यूनियन और NSUI से जुड़े छात्र लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूनिवर्सिटी की कथित वित्तीय गड़बड़ियों को सामने रख रहे हैं। छात्रों का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट के जरिए एसी और मोबाइल की खरीद, गोपनीय छपाई समेत कई मामलों से जुड़े वित्तीय सवाल सामने आए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट में वसूली योग्य राशि का जिक्र
छात्र संगठन के सदस्य राहुल दुबे ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उनके अनुसार, रिपोर्ट में संबंधित राशि को वसूलने योग्य बताया गया है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी में वित्तीय मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और इसका असर छात्रों के हितों पर पड़ रहा है।
राहुल दुबे ने कहा कि छात्र अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। उनके मुताबिक, ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए सभी बिंदुओं को आधार बनाकर हाईकोर्ट में PIL दायर की जाएगी।
हर दिन सामने ला रहे वित्तीय मामलों की जानकारी
छात्र संगठनों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से यूनिवर्सिटी से जुड़े अलग-अलग वित्तीय मामलों की जानकारी सार्वजनिक कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों को मीडिया के सामने रखा जा रहा है।
नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी पलामू प्रमंडल की प्रमुख शिक्षण संस्थाओं में शामिल है। यहां पलामू, गढ़वा और लातेहार समेत आसपास के क्षेत्रों के हजारों छात्र पढ़ाई करते हैं। ऐसे में छात्र संगठनों ने वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई है।
फिलहाल, छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों और ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं पर यूनिवर्सिटी प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। PIL दाखिल होने के बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया के जरिए आरोपों की जांच और संबंधित जिम्मेदारियों पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
