UK में झारखंड की विरासत की गूंज, सांस्कृतिक सहयोग से वैश्विक पहचान की ओर कदम

Archana Ekka
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Jharkhand’s Heritage Resonates in the UK: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्राचीन और आदिवासी विरासत (Tribal Heritage) को पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

उन्होंने बताया कि यूके–भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से राज्य अपनी ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और वैश्विक पहचान को मजबूत कर रहा है।

यह बात यूनाइटेड किंगडम में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान सामने आई, जहां झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक धरोहर से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की।

विरासत संरक्षण पर गहन चर्चा

बैठक के दौरान Megalith, Monolith, प्रागैतिहासिक परिदृश्य और जीवाश्म पार्कों के संरक्षण से जुड़ी विश्व की बेहतरीन प्रक्रियाओं पर विस्तार से विचार किया गया।

इसके साथ ही वैज्ञानिक प्रलेखन, संरक्षण योजनाओं, व्याख्या पद्धतियों और समुदाय आधारित विरासत प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

इन चर्चाओं का उद्देश्य यह समझना था कि किस तरह स्थानीय समुदायों को जोड़कर विरासत को सुरक्षित रखा जा सकता है।

UK–भारत सांस्कृतिक सहयोग का उद्देश्य

यह बैठक UK–भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई थी। यह कार्यक्रम विरासत संरक्षण, संग्रहालय विकास, पुरातत्व, क्षमता निर्माण, शोध अनुदान, दस्तावेजीकरण और जन सहभागिता के लिए एक मजबूत द्विपक्षीय ढांचा प्रदान करता है।

इस सहयोग से भारतीय और ब्रिटिश संस्थानों के बीच साझेदारी, विशेषज्ञों का आदान–प्रदान और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलता है।

मुख्यमंत्री को मिला विशेष आमंत्रण

इस अवसर पर हिस्टोरिक इंग्लैंड द्वारा मुख्यमंत्री को शनिवार को Avebury और स्टोनहेंज जैसे विश्व प्रसिद्ध प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण का विशेष आमंत्रण भी दिया गया। यह आमंत्रण झारखंड और UK के बीच सांस्कृतिक संवाद को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बैठक में मौजूद रहे प्रमुख प्रतिनिधि

बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

साथ ही इंग्लैंड की सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, भारतीय उच्चायोग, ब्रिटिश उप-उच्चायोग (कोलकाता), इंग्लिश हेरिटेज ट्रस्ट, नेशनल ट्रस्ट और नेचुरल इंग्लैंड के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

झारखंड की प्रमुख विरासतों की प्रस्तुति

बैठक में झारखंड की प्रमुख विरासत स्थलों जैसे पकरी बरवाडीह (हजारीबाग), जीवाश्म उद्यान, साहिबगंज और राज्य के विभिन्न जिलों में फैले मोनोलिथ, शैलचित्र और पाषाण स्मारकों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया।

सरकार की मंशा है कि अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी, स्थानीय आजीविका और समुदाय आधारित सांस्कृतिक पर्यटन के माध्यम से इन विरासतों को संरक्षित और विकसित किया जाए।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।