Lockdown Jharkhand : 27 मई के बाद भी पाबंदियों में छूट मिलने की उम्मीद कम, जानिये क्या बोले सीएम हेमंत सोरेन

रांची: Lockdown Jharkhand झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि में थोड़ी कमी जरूर आयी है साथ ही स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 27 मई तक के लिए राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के नाम पर लॉकडाउन कर कई पाबंदियां लागू की गयी है।

इसे लेकर आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने  कहा कि राज्य में रिकवरी रेट 90 प्रतिशत से ज़्यादा हो गयी है।

पिछले कुछ दिनों से संक्रमण दर भी चार प्रतिशत के आस पास बनी हुई है।

ये आकड़ें कोरोना से हमारे संघर्ष में उत्साहवर्धक हैं और इसके लिए लिए मैं स्वास्थ्य कर्मियों समेत कोरोना के ख़िलाफ़ मुहिम में लगे हर एक कर्मी और राज्य की जनता का अभिनंदन करता हूं लेकिन मेरे मुताबिक़ कोरोना का चरम अभी पार नहीं हुआ है।

हेमंत सोरेन ने ये इशारा करते हुए कहा है कि अभी पाबंदियां जारी रह सकती हैं। सीएम ने ये साफ़ कहा है कि झारखंड में कोरोना का चरम अभी नहीं हुआ है पार उनके मुताबिक़ कोरोना का पीक अभी पार नहीं हुआ है।

इसे देखते हुए 26 मई को लॉकडाउन बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है। आपको बता दें की कई राज्य लॉकडाउन बढ़ाने पर फैसला ले रहे हैं।

उम्मीद जताई जा रही है की झारखंड में भी इसे देखते हुए इसे बढ़ाया जायेगा।

सीएम ने कहा है कि जब तक राज्य में कोरोना से एक भी राज्यवासी की मौत हो रही है तब तक पीक पर है, ख़तरा है और हम ना तो ख़ुश हो सकते हैं और ना ही चैन से बैठ सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अब हम और तीव्र गति से टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट पर जोर दे रहे हैं।

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारी तेज

सीएम ने आगे कहा कि झारखंड सरकार कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी बहुत पहले शुरू कर चुकी है।

विशेषज्ञों से राय लेकर हम आने वाले खतरे को कम करने हेतु हरसंभव कदम उठा रहे हैं।

तीसरे चरण की तैयारी के लिए हम एसओपी बनाने समेत अन्य ज़रूरी कदम उठा रहे हैं।

मुझे मालूम है कि वैक्सीन निबंधन में आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इस समस्या के समाधान हेतु हर ज़रूरी कदम उठाये जा रहे हैं और जल्द ही इससे निजात मिलेगी।

अब भी स्थिति नियंत्रित नहीं होता देख, यह स्पष्ट संकेत मिलने लगा है कि यह पाबंदियां 27 मई  के बाद भी जारी रहेगी और इसमें कुछ संशोधन के साथ राज्य सरकार जल्द ही फैसला ले सकती है।

कोरोना को हल्‍के में न लें

इधर पिछले दिनों सोशल मीडिया के माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर पर अपने संदेश में सीएम हेमंत सोरेन ने कोरोना संक्रमण के घटने वाली खबरों पर संतोष जताया।

लेकिन उन्‍होंने आम जनों को कोरोना संक्रमण को हल्‍के में नहीं लेने की चेतावनी दी। सीएम ने अपने ट्वीट में लिखा- कोरोना संक्रमण घटने की खबरों को पढ़कर ये मत समझिएगा की खतरा टल गया है।

हम इस महामारी को धीरे-धीरे काबू में कर रहे 

सीएम ने कोरोना पर काबू पाने के लिए अभी और सजग और सतर्क रहने की सख्‍त हिदायत दी है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में हमने देखा की जब-जब हमने इस महामारी को हल्के में लिया है, तब-तब इसने दुगुनी शक्ति से वापस आ कर तबाही मचायी है। इसलिए खुश होने के बजाए हमें अब और सतर्क रहना है।

आप सभी झारखंडियों के सहयोग से हम इस महामारी को धीरे-धीरे काबू में कर रहे हैं, पर लड़ाई अब ग्रामीण क्षेत्रों को इस महामारी से बचाने की है।

इसलिए हम अब ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सर्वे और टेस्ट कर रहे हैं, ताकि कोरोना वायरस संक्रमण का तेजी से पता लगाकर समय रहते उसे काबू किया जा सके।

आपको बता दें की स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा सप्‍ताह 22 अप्रैल सुबह छह बजे से 29 अप्रैल सुबह छह बजे तक इसे लागू किया गया था। दूसरे चरण में 29 अप्रेल से 6 मई तक और तीसरे चरण में 6 मई से 13 मई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई गई थी।

इसके बाद अभी 16 मई से 27 मई तक सख्‍त पाबंदियों के साथ झारखंड में लॉकडाउन लागू किया गया है। राज्‍य में अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई हैं। ई-पास को लेकर epassjharkhand.nic.in पर लोग पास बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा- प्रार्थना है कि बिना मास्क घरों से ना निकलें

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबसे पुनः प्रार्थना है कि बिना मास्क घरों से ना निकलें।

आपको वैक्सीन राज्य सरकार की तरफ़ से निःशुल्क दिया जा रहा है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। अतः खुद लें और अपने आस पड़ोस में भी लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

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