
चेन्नई/बेंगलुरु: पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आई भारी कमी से तमिलनाडु और कर्नाटक का होटल और रेस्तरां उद्योग संकट में घिर गया है। यहां के कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने मंगलवार को बताया कि यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो वे कारोबार बंद करने को मजबूर हों जाएंगे।
तमिलनाडु के होटल व्यवसायियों के अनुसार, उनके पास मौजूदा एलपीजी सिलेंडर का उपयोग केवल एक या दो दिनों के लिए और हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि गैस की खपत कम करने के लिए कई होटलों ने अपने मेनू (खाद्य पदार्थों की सूची) में पहले ही कटौती कर दी है।
दूसरी ओर, बेंगलुरु में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ‘बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन’ के एक विज्ञप्ति के अनुसार गैस खत्म होते ही 10 मार्च से होटलों को बंद करना पड़ सकता है।
चेन्नई के एक प्रमुख रेस्टोरेंट श्रृंखला के अध्यक्ष ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “यह हमारे लिए कोविड-19 के दूसरे लॉकडाउन जैसा है। हम एलपीजी का उपयोग कम करने के लिए मेनू में कटौती कर रहे हैं। डोसा, चाय या कॉफी के लिए ‘स्टोव’ को लगातार गैस की आपूर्ति चाहिए होती है, इसलिए हमने अब सीमित संख्या में ही व्यंजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।”
‘बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन’ के मानद अध्यक्ष पी. सी. राव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “वे तब तक काम करेंगे जब तक उनके पास गैस है।”
होटल व्यवसायी चंद्रशेखर हेब्बार ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि गैस की कमी के कारण मजबूरन होटलों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
एसोसिएशन के अनुसार, तेल कंपनियों ने 70 दिनों तक निर्बाध गैस आपूर्ति की गारंटी दी थी ऐसे में अचानक आपूर्ति का रुकना होटल उद्योग के लिए एक “बड़ा झटका” है।
सरकार ने छह मार्च को पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण संभावित व्यवधानों से बचने के लिए घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था। सात मार्च को घरेलू एलपीजी और व्यव्सायिक सिलेंडरों की कीमतों में क्रमशः 60 रुपये और 114.5 रुपये की वृद्धि की गई।
