
Meeting Regarding Demand for Sarna Dharma Code: रांची के सिसईटोली (Sisaitoli) स्थित सरना स्थल पर सोमवार को सरना धर्म कोड की मांग को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई।
इसमें विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बैठक में शिवा कच्छप, संगीता कच्छप, संदीप तिग्गा, सुशीला उरांव समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और सैकड़ों समर्थक मौजूद थे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि सरना धर्म कोड आदिवासी समाज की पहचान और आस्था से जुड़ा मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दिल्ली कार्यक्रम फिलहाल स्थगित, आंदोलन जारी रहेगा
बैठक में बताया गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर 17 से 20 फरवरी के बीच सरना धर्म कोड की मांग को लेकर कार्यक्रम प्रस्तावित था।
हालांकि, राजधानी में अन्य आयोजनों और हालात को देखते हुए भारत सरकार एवं दिल्ली प्रशासन ने कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
इस निर्णय के बाद संगठनों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन संवैधानिक दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा।
सरहुल के बाद फिर उठेगी मांग
बैठक में यह भी तय किया गया कि सरहुल पर्व के बाद दिल्ली में फिर से सरना धर्म कोड (Sarna Dharma Code) की मांग उठाई जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरना कोड को अलग पहचान नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका मानना है कि यह मुद्दा 700 से अधिक आदिवासी समुदायों की परंपरा और अस्तित्व से जुड़ा है।
