Municipal Elections : रांची में नगर निगम चुनाव (Municipal Elections) को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
शहर में हर गतिविधि पर 24×7 नजर रखी जा रही है, चाहे वह सड़क पर हो या फिर सोशल मीडिया पर।

सोशल मीडिया पर जीरो टॉलरेंस नीति
प्रशासन ने Social Media को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। अब सिर्फ भड़काऊ पोस्ट लिखना ही नहीं, बल्कि उसे लाइक करना, शेयर करना, कमेंट करना या फॉरवर्ड करना भी अपराध माना जाएगा।
फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर अगर धार्मिक, जातिगत या सामाजिक तनाव फैलाने वाली कोई भी पोस्ट सामने आती है, तो सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
खास बात यह है कि व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन भी जिम्मेदार माने जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ग्रुप को “Only Admin” मोड में रखने की सलाह दी गई है।
शहर में जुलूस और आतिशबाजी पर रोक
चुनाव के दौरान शहर में पटाखे, आतिशबाजी, लाठी, हथियार और विस्फोटक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। यह रोक शादी-ब्याह जैसे आयोजनों पर भी लागू होगी।

बिना अनुमति किसी भी राजनीतिक रैली या जुलूस की इजाजत नहीं होगी। अगर Loudspeaker या तीन से अधिक वाहन पाए गए, तो मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी वाहन से प्रचार नहीं
आचार संहिता लागू होते ही मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अब सरकारी वाहन का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं कर सकेंगे।
सरकारी गाड़ी सिर्फ घर से दफ्तर और दफ्तर से घर तक ही इस्तेमाल होगी। किसी भी उम्मीदवार के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग गैरकानूनी माना जाएगा।
हथियार लाइसेंस निलंबित
रांची जिले में सभी Fire Arms License निलंबित कर दिए गए हैं। लाइसेंसधारियों को एक सप्ताह के भीतर अपने हथियार थाने में जमा करने का आदेश दिया गया है।
हालांकि बैंक गार्ड और कुछ सरकारी कर्मियों को छूट दी गई है, लेकिन उन्हें भी जांच समिति की अनुमति के बाद ही हथियार रखने की इजाजत मिलेगी।
प्रशासन का साफ संदेश है, चुनाव में शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।




