गृह मंत्रालय ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिये राज्यों को लिखा पत्र

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान मौतों में बढ़ोतरी और परिवारों पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिख कर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों की सुरक्षा के लिये उपयुक्त कदम उठाने का निर्देश दिया है।

मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार ने कोरोना महामारी के संभावित प्रभाव का संज्ञान लेते हुए, विशेष रूप से, कमजोर समूहों पर, मामले को उच्च प्राथमिकता दी और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया कि वे ऐसे लोगों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त तंत्र स्थापित करें। पत्र में कहा गया है कि अन्य बातों के साथ-साथ गृह मंत्रालय द्वारा जारी विभिन्न परामर्शों में दिए गए उपायों की तर्ज पर कमजोर समूहों के लिए मौजूदा सुविधाओं की तत्काल समीक्षा की जाए, खासकर उन बच्चों के लिए जो अनाथ हो गए हैं।

मंत्रालय ने जारी पत्र में आगे कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता (चिकित्सा के साथ-साथ सुरक्षा) की जरूरत हो सकती है और अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति के लोगों को सरकारी सहायता सुविधाओं तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन की जरूरत हो सकती है।

इसके लिए पुलिस कर्मियों को संवेदनशील बनाने, संबंधित एजेंसियों, विभागों के साथ-साथ समुदायों और नागरिक समाज संगठनों के साथ समन्वय के लिए उठाए गए कदम शामिल हो सकते हैं।

केंद्र ने इस बारे में सभी राज्यों को समय-समय पर जारी की गई राशि और बाकी सलाह के बारे में भी जानकारी दी है।

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