झारखंड सरकार के अधिकारी मिठाई खाकर लुटा रहे सरकारी जमीन, FIR के बाद गेट बंद कर जमीन घेर कर लगाया गया बोर्ड

रांची : झारखंड सरकार के अधिकारी मिठाई खाकर सरकारी जमीन माफिया के हाथों लुटा रहे हैं। जी हां, कांके अंचल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का खेल प्रशासनिक अमले की मिलीभगत पर धड़ल्ले से चल रहा है।

मामला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पीछे रिंग रोड से सटे रिवर व्यू गार्डेन नाम के प्रोजेक्ट से संबंधित 25 एकड़ जमीन का है, जहां जुमार नदी की जमीन, बीएयू की जमीन, गैरमजरुआ जमीन के अलावा भुईंहरी और पहनई जमीन को घेरा गया है।

पूरा खेल प्रशासन के संज्ञान में है। कांके सीओ सहित प्रशासनिक अमला के लोग जमीन माफियाओं की इस करतूत की जांच भी कर चुके हैं। लेकिन सारी कार्रवाई महज खानापूर्ति नजर आ रही है।

धड़ल्ले से जमीन निगला जा रहा है। बेखौफ जमीन माफिया मिट्टी कटाई और ढुलाई कर रहे हैं। जमीन पर प्लॉटिंग और खरीदारों को जमीन दिखाना भी अनवरत जारी है।

लेकिन कांके के जिम्मेवार अधिकारी सहित अन्य जिम्मेवार काम रुकवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि उल्टे काम करवाने की बात कह रहे।

रिवर व्यू गार्डेन के प्रोपराइटर कमलेश ने खुद कहा है कि एक अधिकारी ने मिठाई खाने के बाद काम जारी रखने के लिए कहा है।

नदी का अस्तित्व मिटाने की सािजश

नदी की जमीन की इस कदर चोरी की जा रही है कि नदी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा या नदी प्रोजेक्ट के अंदर समा जाएगी। नदी में पानी नहीं रहने का पूरा फायदा जमीन माफिया उठा रहे हैं।

नदी के बहाव वाले करीब एक किलोमीटर के किनारे पर जमीन कटाई की कोशिश की गई है। सही समय पर प्रशासन इसपर रोक नहीं लगाती तो पूरी जमीन बेच दी जाती।

हालांकि, जमीन के प्रोपराइटर नदी की जमीन छोड़कर प्रोजेक्ट चलाने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि नदी की जमीन को नहीं छुआ गया है।

कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट बोर्ड हटाकर केवल आईवॉश

एफआइआर के बाद प्रोजेक्ट का बोर्ड उतार लिया गया है। एफआइआर होने से पहले तक जमीन के मुख्य द्वार पर रिवर व्यू गार्डेन नामक प्रोजेक्ट का बड़ा बोर्ड लगा था।

सीओ व अन्य अधिकारियों के पहुंचने के बाद बोर्ड वहां से उतार लिया गया है। अब गेट बंद करके जमीन घेरने का काम चल रहा है। प्रोजेक्ट के अंदर कुछ पुलिस वाली वर्दी में लोग भी दिखे।

क्या है मामला

इस मामले में बीते 27 नवंबर को कांके अंचल अधिकारी ने एफआइआर दर्ज कराई है।

जिसमें लाॅ यूनिवर्सिटी के पीछे स्थित रिंग रोड से सटी जुमार नदी, गैरमजरूआ जमीन और बीएयू की अधिग्रहित जमीन पर कब्जा करने का आरोप है।

एफआइआर में कहा गया है कि कांके सीओ ने जांच में पाया कि नगड़ी मौजा की जमीन खाता सख्या 136 की प्लाॅट संख्या 2308, 2381 रकबा 21 एकड़ जमीन गैर मजरुआ प्रकिृत की है।

वहीं खाता संख्या 142 की प्लाॅट संख्या 2309, रकबा 0.82 एकड़ बीएयू की अधिग्रहित जमीन है। बाकी जमीन बकास्त भूइहरी पहनई की लगभग 5 एकड़ है।

वहीं सीओ ने पाया की जुमार नदी के अस्तित्व को खत्म करते हुए नदी के किनारे मिट्टी को भरते हुए लगभग 0.80 एकड़ समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा है।

मौके पर काम करा रहे जमीन के प्रोपराइटर कमलेश कुमार से जमीन का कागज प्रस्तुत करने को कहा गया जिसे वह नहीं दिखा सका।

कांके सीओ के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी रंजीत कुमार ने कांके थाना में प्रोपराइटर कमलेश कुमार के विरुद्ध लगभग 25 एकड़ की सरकारी जमीन, पहनइ जमीन व नदी की जमीन पर कार्य किए जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

वहीं कांके सीओ अनिल कुमार पुलिस की टीम के साथ संबंधित स्थल पर पहुंचे और काम रुकवाया। इसके साथ ही जमीन पर कांके सीओ की ओर से एक बोर्ड गाड़ दिया गया है।

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