हमारा संविधान मानवीय अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन का वैश्विक दस्तावेज है: रामेश्वर उरांव

रांची: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने संविधान दिवस पर राज्यवासियों को बधाई दी है।

उरांव ने गुरुवार को कहा कि संविधान भारत सरकार के लिखित सिद्धांतों और उदाहरणों का एक समूह है, जो मूलभूत राजनीतिक सिद्धांतो, प्रक्रियाओं, अधिकारों, निर्देश सिद्धांतों, प्रतिबंधों व सरकार तथा देश के नागरिकों के कर्तव्यों को पूरा करता है।

यह भारत को एक संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है तथा अपने नागरिकों की समानता, स्वतंत्रता और न्याय का आश्वासन देना हैं।

उरांव ने कहा कि संविधान में उल्लेखित धर्मनिरपेक्ष, समाजवाद और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक साजिश के तहत समय-समय पर देश की धर्मनिरपेक्ष छवि पर कुठाराघात करने की कोशिश की जाती है, उसे पार्टी कार्यकर्त्ता कभी सफल नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र भारत के लोकतंत्र संचालन का लिखित कानून ही नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति का गौरव ग्रन्थ है।

उन्होंने कहा कि हमारा संविधान मानवीय अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन का वैश्विक दस्तावेज है।

प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने भी राज्य वासियों को 71 वें संविधान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

प्रवक्ताओं ने सभी से अपील की है कि देश के नियम-कानूनों का पालन करते हुए सर्वधर्म सद्भाव के साथ महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को बरकरार रख भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को समृद्ध करने में अपना योगदान दें।

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