Latest Newsझारखंडआधारभूत ढांचा क्षेत्र में पीपीपी योजना को मंजूरी

आधारभूत ढांचा क्षेत्र में पीपीपी योजना को मंजूरी

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नई दिल्‍ली: सरकार ने आधारभूत ढांचा क्षेत्र में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) योजना की व्यहार्यता अंतर वित्‍त पोषण (वीजीएफ) को जारी रखने और इसके पुनर्गठन पर अपनी सहमति दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रि‍मंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इससे संबंधित निर्णय को मंजूरी दी।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां आयो‍जित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस योजना की समयावधि 2024-25 तक है, जिस पर 8100 करोड़ रुपये खर्च होगा।

उन्‍होंने कहा कि इस संशोधित योजना में सामाजिक आधारभूत ढांचे में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मुख्‍यधारा में लाने के लिए दो उप-योजनाओं की शुरुआत की गई है।

जावड़ेकर ने बताया कि उप-योजना-1 सामाजिक क्षेत्रों जैसे अपशिष्‍ट जल शोधन, जलापूर्ति, ठोस कचरा प्रबंधन, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा के क्षेत्रों की आवश्‍यकता को पूरा करेगी, जबकि उप-योजना-2 सामाजिक क्षेत्रों की प्रायोगिक परियोजनाओं को मदद देगी।

उन्‍होंने कहा कि यह परियोजनाएं स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा क्षेत्रों से हो सकती है, जहां कम-से-कम 50 फीसदी संचालन लागत की पुन: प्राप्ति है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं में केंद्र और राज्‍य सरकारें मिलकर पहले 5 वर्षों में पूंजी लागत का 80 फीसदी एवं संचालन और रख-रखाव लागत का 50 फीसदी हिस्‍सा उपलब्‍ध कराएंगी। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार इस परियोजना में कुल परियोजना लागत का अधिकतम 40 फीसदी हिस्‍सा भी मुहैया कराएगी।

उन्होंने बताया कि पहले 5 वर्षों में वाणिज्यिक क्रियाकलापों के लिए परियोजना की अधिकतम 25 फीसदी संचालन लागत उपलब्‍ध करा सकती है। इस योजना की शुरुआत से 64 परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी दी जा चुकी है। इनकी कुल परियोजना लागत 34,228 करोड़ रुपये और वीजीएफ 5,639 करोड़ रुपये है।

गौरतलब है कि वित्‍त वर्ष 2019-20 के अंत तक 4,375 करोड़ रुपये वीजीएफ राशि को वितरित किया जा चुका है। इस परियोजना का मकसद सामाजिक और आर्थिक आधारभूत ढांचे में सार्वजनिक निजी सहभागिता को बढ़ावा देना है, ताकि परिसंपत्तियों का बेहतर सृजन हो और इनके उपयुक्‍त संचालन एवं रख-रखाव को सु‍निश्चित किया जा सके और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से जरूरी परियोजनाओं को वाणिज्यिक रूप से व्‍यावहारिकता में लाया जा सके।

जावड़ेकर ने कहा कि इस परियोजना से देश के लोगों को फायदा होगा, क्‍योंकि ये देश में आधारभूत ढांचे के विकास में मदद करेगी। उन्‍होंने बताया कि नई योजना मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के एक महीने की अवधि में लागू हो जाएगी और नई वीजीएफ योजना में प्रस्‍तावित संशोधनों को इसके दिशा-निर्देशों में उपयुक्‍त रूप से शामिल किया जाएगा। नई वीजीएफ योजना को बढ़ावा देने और सहायता दी जाने वाली परियोजनाओं की निगरानी के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।

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