राहुल ने लोकसभा में किसान आंदोलन में जान गंवाने वालों के लिए रखा मौन, स्पीकर बिरला बोले यह मेरे अधिकार का अतिक्रमण

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए जब अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ मौन रखकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी तो अध्यक्ष ओम बिरला ने इसे उनको मिले अधिकारों का हनन करार दिया है।

सत्ता पक्ष के सदस्यों के बजट पर बोलने के लिए हंगामा करने के बीच राहुल गांधी को जब अध्यक्ष ने भी बजट पर बोलने को कहा तो पहले वह उनकी बात का समर्थन करते हुए कहते रहे कि किसानों का मुद्दा भी बजट से जुड़ा है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा दिया कि वह बजट पर एक शब्द नहीं बोलेंगे।

राहुल ने अपना भाषण खत्म करने के बाद कहा कि सरकार किसानों के मुद्दे पर चर्चा नहीं कराना चाहती और शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि भी नहीं दी गई है, इसलिए वह अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ एक मिनट तक मौन रखकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देंगे।

सदन में कांग्रेस के सदस्यों का मौन देखकर सभी हक्के-बक्के रह गए, सत्तापक्ष की ओर से इसे गलत बताया जाता रहा।

बाद में बिरला ने कहा कि सदन में इस तरह का आचरण उनको सदस्यों द्वारा दिए गए अधिकार का अतिक्रमण है।

 उनका कहना था कि सदन चलाने का दायित्व सदस्यों ने उन्हें दिया है और इस तरह का आचरण सदन की गरिमा और प्रतिष्ठा के खिलाफ है और उन्हें दिए गए अधिकारों का अतिक्रमण है।

राहुल चाहते तो पहले सूचना देते, लेकिन उन्होंने संसद की इस परंपरा पर ध्यान नहीं दिया है।

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