मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए रेलवे को मिली पर्यावरणीय मंजूरी

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे को 508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए महाराष्ट्र और गुजरात में सभी जरूरी वन्यजीव, वानिकी और तटीय विनियमन क्षेत्र की वैधानिक मंजूरी मिल गई है।

वहीं समर्पित मालवहन गलियारा (डीएफसी) की बात करें तो खुर्जा-भाऊपुर और रेवाड़ी-मदार पूर्वी और पश्चिमी दोनों बनकर तैयार हैं और इसे दिसम्बर में खोल दिया जाएगा।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ विनोद कुमार यादव ने मंगलवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल के लिए गुजरात और महाराष्ट्र सरकार से जरूरी वन्यजीव, वानिकी और तटीय विनियमन क्षेत्र को वैधानिक मंजूरी मिल गई है।

उन्होंने कहा कि निर्माण साइट के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से बिजली की हाईटेंशन तारों को हटाने और भूमि पर मौजूद पानी के स्रोतों को स्थानांतरित करने का 65 प्रतिशत काम हो गया है। उन्होंने कहा कि 1,651 यूटिलिटी में से 1,070 को स्थानांतरित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि रेलवे को बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का 67 प्रतिशत अर्थात 1396 हेक्टेयर में से 929 हेक्टेयर भूमि मिल चुकी है।

गुजरात में 956 में से 825 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जोकि 86 प्रतिशत है।

यादव ने बताया, जबकि महाराष्ट्र में 432 हेक्टेयर भूमि में से 97 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जोकि आवश्यक भूमि का केवल 22 प्रतिशत है।

वहीं दादरा और नगर हवेली में आवश्यक आठ हेक्टेयर भूमि में से सात हेक्टेयर भूमि अर्थात 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है।

उन्होंने कहा कि रेलवे ने महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए गुजरात में 32,000 करोड़ रुपये की निविदाएं मंगाई हैं, जिसमें वियाडक्ट की 325 किलोमीटर लंबाई और पांच स्टेशन शामिल हैं।

यादव ने समर्पित मालवहन गलियारा (डीएफसी) की कार्य प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्वी डीएफसी पर उत्तर प्रदेश के खुर्जा और भाऊपुर (कानपुर) का 353 किलोमीटर लम्बा खंड और पश्चिमी डीएफसी पर हरियाणा के रेवाड़ी से मदार (राजस्थान) तक 335 किलोमीटर का खंड बनकर तैया हो गया है और इसे इसी महीने यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

पूर्वी डीएफसी के अन्य खंडों के संबंध में उन्होंने बताया कि डीडीयू-सोननगर का 137 किलोमीटर का खंड दिसम्बर 2021 तक, भाऊपुर-डीडीयू 402 किलोमीटर का खंड और लुधियाना-खुर्जा का 401 किलोमीटर का खंड जून 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा।

पश्चिमी डीएफसी में 335 किलोमीटर लम्बा मदार-पालनपुर का खंड मार्च 2021 तक और जून 2021 तक रेवाड़ी-दादरी का 122 किलोमीटर खंड दिसम्बर 2021 तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा पालनपुर-मकरपुरा-जेएनपीटी का 738 किलोमीटर का खंड जून 2022 तक पूरा होगा।

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