
रांची: राज्य सरकार और पुलिस ने रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। राज्य के 24 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और किसी भी अप्रिय घटना रोकने के लिए ज्यादा पुलिस बल, आधुनिक तकनीक और विशेष रणनीति तैयार की गई है। शहरों में भीड़-भाड़ वाले रास्ते, जुलूस मार्ग और संवेदनशील क्षेत्र कड़ी निगरानी में रहेंगे।
पुलिस और तकनीक साथ-साथ
राज्य भर में 10 हजार से अधिक पुलिस और अर्द्धसैनिक जवान तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी लगाया गया है। रांची, जमशेदपुर, गिरिडीह, हजारीबाग और लोहरदगा जैसे जिलों को विशेष ज़ोन घोषित किया गया है। इन जगहों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और सबसे ज्यादा सुरक्षा बल रांची व हजारीबाग में तैनात हैं। पुलिस मुख्यालय ने भीड़भाड़ वाले इलाकों, जुलूस मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त दस्ते भेजे हैं और कार्रवाई के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
ड्रोन, CCTV और सोशल मीडिया पर नजर
निगरानी में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल होगा। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी, CCTV कैमरों से रोहित गतिविधियों पर नजर, और कंट्रोल रूम से सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया पर भी पुलिस की खास नजर रहेगी।
प्रशासन की सख्त हिदायत
प्रशासन ने सभी जिलों को कह दिया है कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता न किया जाए। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी भ्रमित या भड़काऊ खबर पर ध्यान न दें। इस तैयारी के पीछे मकसद यही है कि पर्व का माहौल सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण रहे।
इस तरह, राज्य सरकार और पुलिस का मानना है कि अधिक सुरक्षा, साफ निर्देश और आधुनिक निगरानी से रामनवमी जैसा धार्मिक त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सकता है।
