रामगढ़ SDPO मामले में नया मोड़, पत्नी के खिलाफ तीन महीने पहले कराया था सनहा दर्ज

पत्नी को बताया मानसिक रोगी और डिप्रेशन का शिकार

रामगढ़: रामगढ़ एसडीपीओ के खिलाफ रामगढ़ थाने में उनकी पत्नी ने जानलेवा हमला करने और घरेलू हिंसा को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई, तो सोशल मीडिया पर एसडीपीओ किशोर कुमार रजक पूरी तरीके से सक्रिय हो गए।

उन्होंने 25 अक्टूबर 2021 को महिला थाना और सखी वन स्टॉप सेंटर में दर्ज कराई गई सनहा की एक प्रति पोस्ट की।

इसके साथ उन्होंने लिखा कि “मैंने यह आवेदन अक्टूबर 2021 में दिया था। इतना होने और जानने के बाद भी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ शांति से रहना चाहता था।

इसलिए कभी सार्वजनिक रूप से पत्नी के खिलाफ ना कुछ बोला और ना कुछ लिखा। लेकिन मुझे पूर्ण विश्वास है कि कोई गहरी साजिश है।

अन्यथा मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही विपक्ष के नेता द्वारा सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ एफआईआर की कॉपी लगाते हुए पोस्ट किया गया।

बिना कोई नोटिस और विभागीय प्रक्रिया का पालन किए नेता जी द्वारा मुझे निलंबित करने और गिरफ्तारी की मांग कर दी गई।

उनके द्वारा इशारे में राज्य के प्रसिद्ध नेता और कुछ अधिकारियों पर उंगली उठाई गई। लेकिन सबसे बड़ी उंगली उन्होंने अपनी पत्नी पर ही उठाई है।

थाने में दर्ज सनहा में उन्होंने लिखा है कि उनकी पत्नी वर्षा श्रीवास्तव अक्सर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती रही है।

साथ ही आत्महत्या कर उनके परिजनों को फंसाने की बात भी करती आई हैं। उन्होंने थाने में दर्ज सनहा में 11 पॉइंट दिया है।

जिसमें लिखा है कि उनकी पत्नी करीबी संबंधियों के साथ अवैध संबंध का आरोप लगाती रही हैं और सार्वजनिक रूप से उन्हें बदनाम करती रही हैं, जहां तहां उनका पीछा करते हुए जासूसी भी करती हैं।

उन पर लगातार गाड़ी एवं बंगला खरीदने का दबाव बनाती रही हैं। इसके अलावा मारपीट एवं दूसरी औरतों से अवैध संबंधों का आरोप लगाकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर सरेआम बदनाम कर उनकी छवि भी धूमिल करती रही हैं। लगातार मैसेज करके वीडियो बनाकर उन्हें केस करने की धमकी देती हैं।

उनकी पत्नी द्वारा पूर्व में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसमें बलात्कार, फोर्जरी और चीटिंग का केस है।

उन्होंने कुछ कांड संख्या का जिक्र भी सनहा में किया है, जो उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिला अंतर्गत कर्नलगंज में दर्ज किया गया है।

जिसमें एक सरकारी अधिकारी पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा दूसरे केस में भी जबरन बलात्कार करने और पोर्न सीडी वितरित करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

उस प्राथमिकी में उनकी पत्नी ने खुद को साइकाइट्रिक ट्रीटमेंट कराने की बात भी स्वीकार की गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वे डिप्रेशन में भी हैं।

इसके अलावा एक अन्य प्राथमिकी में भी उन्होंने खुद को डिप्रेशन का शिकार बताया है। एक और एफ आई आर उन्होंने वाराणसी कैंट एवं दूसरा गोमती नगर, लखनऊ में भी दर्ज कराया है।

एसडीपीओ ने इस सनहा में यह भी लिखा है कि उनकी पत्नी वर्षा श्रीवास्तव के साथ उनका एक दो वर्ष का बच्चा भी है।

उनके साथ वह शांति से रहना चाहते हैं और नौकरी करना चाहते हैं। लेकिन बार-बार और लगातार झूठे आरोप लगाकर उनके विरुद्ध पत्नी द्वारा थाना एवं पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया जाता है। प्रतिरक्षा के लिए उन्हें भी आवेदन देना पड़ा है।

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