
रांची: रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर पद को लेकर सियासत अब तेज होती जा रही है। डिप्टी मेयर पद को लेकर सुषमा राज या नीरज कुमार आमने-सामने हैं। इसलिए सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 19 मार्च को पार्षदों के शपथ ग्रहण और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि आखिर इस कुर्सी पर कौन बैठेगा। कार्यक्रम के तहत सबसे पहले मेयर और पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद उपमहापौर यानी डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार मुकाबला वार्ड 31 के पार्षद नीरज कुमार और वार्ड 25 की पार्षद सुषमा राज के बीच माना जा रहा है। डिप्टी मेयर का चुनाव पार्षदों के मतदान से होगा और वोटिंग के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी।
पिछले करीब दो हफ्तों से भाजपा और कांग्रेस के बीच इस पद को लेकर अंदरखाने जबरदस्त खींचतान चल रही है। हालांकि, अब तक दोनों ही दल अपने उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगा पाए हैं। कांग्रेस की तरफ से इस चुनाव की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की संभाल रहे हैं। कई दौर की बैठकों के बावजूद पार्टी अब तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना सकी है। वहीं भाजपा खेमे में भी लगातार मंथन जारी है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह और हटिया विधायक नवीन जायसवाल की मौजूदगी में कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन देर रात तक भी उम्मीदवार तय नहीं हो पाया।
इधर, 21 पार्षदों के रांची से बाहर होने की खबर ने सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि ये सभी पार्षद फिलहाल संपर्क से बाहर हैं और सीधे मतदान के दिन ही समाहरणालय पहुंचेंगे। इसे दल-बदल या क्रॉस वोटिंग को रोकने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। संख्या बल की बात करें तो भाजपा अपने 17 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस 18 से 20 पार्षदों के साथ होने की बात कह रही है। इसके अलावा झामुमो के 5, राजद के 3 से 4 पार्षद और कई निर्दलीय सदस्य भी मैदान में हैं। ऐसे में निर्दलीय पार्षद इस चुनाव में किंगमेकर साबित हो सकते हैं और नतीजों को किसी भी दिशा में मोड़ सकते हैं।
समाहरणालय परिसर में निषेधाज्ञा लागू
शपथ ग्रहण और चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। समाहरणालय परिसर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। सदर एसडीओ के आदेश के मुताबिक, पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। इसके अलावा किसी भी तरह के हथियार के साथ प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। धरना, प्रदर्शन, रैली और आमसभा पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है।
