सांसद संजय सेठ ने किया स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के बयान का विरोध

रांची: सांसद संजय सेठ ने रांची में निर्माणाधीन टाटा कैंसर अस्पताल की जमीन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की ओर से दिए गए बयान और आदेश का विरोध किया है।

सेठ ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार खुद तो कुछ कर नहीं पा रही है। पूर्व में भाजपा की सरकार ने जो काम किया, अब उस पर भी अड़चन लगाने का काम कर रही है। सरकार के मंत्री स्वहित के आगे सर्वहित की बलि चढ़ा रहे हैं।

टाटा कैंसर अस्पताल का दो महीने के बाद उद्घाटन होना है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के अथक प्रयास से यह अस्पताल का निर्माण शुरू हुआ, जो अब पूर्ण होने की दिशा में है। लेकिन कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार को विकास के कार्य में कोई रूचि है ही नहीं।

इसलिए अब यह लोग हर काम में अड़चन लगा रहे हैं। सेठ ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें सोचना चाहिए कि कैंसर के इलाज के लिए बड़ी संख्या में हमारे भाई बंधु मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जाते हैं।

इन सब परिस्थितियों को देखते हुए यह अस्पताल झारखंड के लिए बहुत उपयोगी साबित होने वाला है।

बन्ना गुप्ता थोड़ा जनहित पर ध्यान दें। सांसद ने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री तत्काल यह निर्णय वापस नहीं लेते हैं और कैंसर अस्पताल के निर्माण में किसी भी तरह की बाधा खड़ी की जाती है तो बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों के साथ सड़कों पर उतर कर वह सरकार का विरोध करेंगे।

किसी भी कीमत पर अस्पताल निर्माण में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सेठ ने इस मामले में तत्काल सरकार को सभी निर्णय वापस लेते हुए अस्पताल निर्माण को पूर्ण कराने का आग्रह किया है।

मार्च तक चलेगी गरीब कल्याण योजना, सांसद ने किया स्वागत

वहीं दूसरी ओर से सांसद संजय सेठ ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का समय चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यानि अब मार्च 2022 तक देश के गरीब लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ मिलेगा।

देश की लगभग 80 करोड़ आबादी को भारत सरकार के द्वारा मार्च 2022 तक मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट का यह फैसला स्वागत योग्य है।

सांसद ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था बेपटरी हो रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सरकार अपने देश के नागरिकों को मुफ्त में खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है।

यह इस बात की निशानी है कि हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया के अन्य देशों की तुलना में मजबूत है और अच्छी है।

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