प्राकृतिक की गोद में बसा मकरा पहाड़ को विकसित करने के लिए सरकार गंभीर: बादल पत्रलेख

रांची: झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा है कि कृषि ऋण माफी से किसानों के चेहरे पर खुशी है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षां में गठबंधन सरकार अपने सभी वायदे को पूरा करेगी।

पत्रलेख शुक्रवार को संतालपगरना दौरे के क्रम में किसानों को ऋण माफी का प्रमाण पत्र सौंपने के बाद कहा कि कई जटिलताओं की वजह से कृषि ऋण माफी के काम में थोड़ा विलंब जरूर हुआ, लेकिन अब सारी बाधाओं को दूर कर लिया गया है।

विधानसभा के बजट सत्र के बीच मिली छुट्टी के दौरान ताबड़तोड़ कार्यक्रम के बाद मंत्री बादल सारवां व सोनारायठारी के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया।

सारवां स्थिति मुंशी प्रेमचंद ग्रामीण पुस्तकालय पहुंच कर युवा पीढ़ी व स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना।

इससे पहले कृषि मंत्री ने गुरुवार देररात महाशिवरात्रि के मौके पर दुमका जिले के बासुकीनाथ में स्थित फौजदारी बाबा के दरबार में मत्था टेका था।

उन्होंने विधि-विधान से पूजा अर्चना कर राज्य के सुख समृद्धि व विकास की कामना की फौजदारी बाबा के दरबार में मत्था टेकने के साथ देर रात भोले बाबा के दरबार में भी हाजरी लगायी।

उन्होंने मंदिर के तीर्थ पुरोहितों व स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इसके बाद वे क्षेत्र के अन्य शिवालयों का दर्शन पूजन कर ग्रामीणों व किसानों से मिले।

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि प्राकृतिक की गोद में बसा सोनारायठाढ़ी प्रखंड का मकरा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार गंभीर है।

इसके अलावा आसपास के तुतरा पहाड़ी, डकाय दुबे बाबा मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए फंड दे दिया गया है।

साथ ही मां कुशमेश्वरी माता मंदिर, पावै मंदिर, पांडेश्वर नाथ मंदिर, दुखिया मंदिर, वरदानी मंदिर को भी शीघ्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि सूबे की हेमंत सोरेन सरकार बाबा बैद्यनाथ व बासुकीनाथ सहित अन्य तीर्थस्थलों को तारापीठ सर्किट से जोड़ने का काम करेगी।

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