
रांची: राजधानी के सदर अस्पताल स्थित कैंटीन में भोजन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे मरीजों के परिजनों और अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा। कैंटीन संचालक ने एलपीजी गैस की कथित कमी का हवाला देते हुए दरें बढ़ाने की बात कही।
जानकारी के अनुसार, पहले 50 रुपये में मिलने वाली वेज थाली अब 70 रुपये में दी जा रही थी, जबकि 10 रुपये का समोसा 15 रुपये में बेचा जाने लगा। इसके अलावा अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, दर वृद्धि को लेकर विरोध शुरू होने के बाद मंगलवार देर रात कैंटीन में लगाए गए नए रेट लिस्ट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में बिना स्पष्ट कारण कीमत बढ़ाना सवालों के घेरे में है। सबसे गंभीर बात यह रही कि कैंटीन संचालक ने अस्पताल प्रबंधन को बिना सूचना दिए ही नई दरें लागू कर दीं और लोगों से बढ़ी कीमत वसूली जाने लगी।
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हो गया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि किचन संचालक को छह गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं और जांच में यह भी देखा जाएगा कि इनका उपयोग मरीजों के भोजन के लिए हो रहा है या अन्य कार्यों में।
उपाधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
