रीड हॉफमैन की कड़वी सच्चाई : ‘9 टू 5 जॉब’ वालों के लिए वर्क लाइफ बैलेंस की नई सोच

हॉफमैन का कहना है कि जो लोग स्टार्टअप कल्चर को ठीक से नहीं समझते, वे सोचते हैं कि काम और जीवन के बीच संतुलन न देना कठोर माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप चलाना आसान नहीं है, इसके लिए पूरा समर्पण चाहिए।

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Linkedin Founder Reid Hoffman: लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन का मानना है कि स्टार्टअप में वर्क लाइफ बैलेंस संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सफल कंपनी बनाने के लिए मेहनत और त्याग जरूरी है।

वीकेंड की छुट्टियों और आराम का करना पड़ता है त्याग

हॉफमैन का कहना है कि स्टार्टअप की दुनिया में सामान्य वर्क लाइफ बैलेंस संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक सफल कंपनी बनाना चाहता है, तो उसे वीकेंड की छुट्टियों और आराम जैसी चीजों का त्याग करना होगा।

लोग स्टार्टअप कल्चर को ठीक से समझते नहीं: हॉफमैन

हॉफमैन का कहना है कि जो लोग स्टार्टअप कल्चर को ठीक से नहीं समझते, वे सोचते हैं कि काम और जीवन के बीच संतुलन न देना कठोर माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप चलाना आसान नहीं है, इसके लिए पूरा समर्पण चाहिए।

इन दो स्थितियों में ही काम और जीवन के बीच संतुलन संभव

हॉफमैन के अनुसार, स्टार्टअप में वर्क लाइफ बैलेंस बनाए रखना सिर्फ दो स्थितियों में ही संभव है। पहला, अगर स्टार्टअप बहुत छोटा है और उसका कोई प्रतिस्पर्धी नहीं है। दूसरा, अगर कंपनी इतनी मजबूत हो कि कोई उसे चुनौती न दे सके।

पेपाल का दिया उदाहरण

हॉफमैन ने पेपाल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां कर्मचारियों को ऑफिस में ही डिनर दिया जाता था, ताकि वे घर न जाकर काम जारी रख सकें। बाद में प्रतिस्पर्धा के चलते अन्य कंपनियों ने भी ऐसा करना शुरू कर दिया।

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