
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को एक महत्वपूर्ण राहत देते हुए फैसला सुनाया है। अब सेल रिटायर्ड कर्मचारियों की ग्रेच्युटी रोककर उनसे बकाया किराया वसूल सकता है। यह निर्णय ‘सेल बनाम शंभु प्रसाद सिंह व अन्य’ मामलों की सुनवाई के दौरान दिया गया।
दरअसल, कुछ रिटायर्ड कर्मचारी निर्धारित अवधि से अधिक समय तक कंपनी के सरकारी क्वार्टर में रह रहे थे और पेनल रेंट (जुर्माना किराया) का भुगतान नहीं कर रहे थे, जिससे यह विवाद उत्पन्न हुआ। झारखंड हाईकोर्ट ने अपने पूर्व फैसले में ग्रेच्युटी रोकने को गलत ठहराते हुए बोकारो स्टील प्लांट के कुछ कर्मचारियों को ग्रेच्युटी राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया था।
इसके बाद सेल ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ जिसमें न्यायाधीश पंकज मित्तल और एसवीएन भट्टी शामिल थे, ने हाईकोर्ट के निर्णय को पलट दिया।
अदालत ने कहा कि सेल को अपने नियमों के तहत यह अधिकार है कि वह ग्रेच्युटी रोककर उन रिटायर्ड कर्मचारियों से पेनल रेंट वसूल कर सकता है, जो निर्धारित समय से अधिक अवधि तक कंपनी के क्वार्टर में रहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने SAIL के ग्रेच्युटी नियम 3.2.1(सी) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि कंपनी बकाया किराया वसूलने के लिए ग्रेच्युटी राशि रोक सकती है। इस निर्णय के साथ ही झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम मुहर लग गई।
