Impact of the Nationwide General Strike : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल का असर झारखंड के प्रमुख कोयला क्षेत्रों (Coal Fields) में साफ नजर आया।
रांची, बोकारो और धनबाद समेत कई इलाकों में कोयला उद्योग, परिवहन, Transport और निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित रहे। हड़ताल के चलते कोयला उत्पादन, ढुलाई, रैक लोडिंग और निर्माण कार्य लगभग ठप रहे।

मजदूर संगठनों की रही मजबूत भागीदारी
हड़ताल में एक्टू से संबद्ध कोल माइंस वर्कर्स यूनियन, हिंद मजदूर सभा, जनता मजदूर संघ, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन, राष्ट्रीय Coalfield मजदूर यूनियन सहित कई संगठनों के मजदूर शामिल हुए।
मजदूरों ने करगली वाशरी, एमआरएसएस, मैनेजर ऑफिस, बीएंडके जीएम ऑफिस और रेलवे साइडिंग जैसे कार्यस्थलों पर जाकर प्रदर्शन किया।
नारों के जरिए जताया विरोध
हड़ताल के दौरान मजदूरों ने “कंपनियों से यारी, मजदूरों से गद्दारी नहीं चलेगी”, “मजदूर अधिकारों पर हमला बंद करो” और “चार लेबर कोड वापस लो” जैसे नारे लगाए।
साथ ही अन्य श्रमिकों से भी हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई।

हड़ताल को बताया गया सफल
यूनियन नेताओं का दावा है कि कोयला क्षेत्रों में 80 प्रतिशत से अधिक मजदूर हड़ताल में शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि मजदूरों ने एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाया है और केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों को सिरे से खारिज किया है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
Union नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मजदूर हितों की अनदेखी करती रही, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूर अपने अधिकारों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेंगे।




