हजारीबाग: हजारीबाग में गुरुवार की शाम राजनीतिक हलचल उस वक्त तेज हो गई जब पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, देर रात पूछताछ और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस दोनों नेताओं को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए थाने लेकर गई थी। वहां उनसे देर रात तक पूछताछ की गई। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि दोनों नेता NTPC की कोयला परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान मौके पर मौजूद थे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर इस तरह की कार्रवाई सही नहीं है। उनका आरोप है कि आंदोलन की आवाज को दबाने की कोशिश की गई है।

दूसरी ओर प्रशासन का साफ कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है और किसी के साथ अन्याय नहीं हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके की सियासत गरमा गई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।




