रांची में टाइगर जवान अब बीट पुलिसिंग पर भी करेंगे काम, शहर में आने वाले संदिग्ध लोगों की हो सकेगी पहचान

रांची: रांची में तैनात टाइगर जवान अब बीट पुलिसिंग पर भी काम करेंगे। टाइगर जवानों के कार्यों की समीक्षा के दौरान रांची के सिटी एसपी सौरभ ने उन्हें यह निर्देश देते हुए कहा कि वह अपने इलाके में बीट पुलिसिंग में भी सहयोग करें, ताकि शहर में आने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान हो सके।

रांची में हाल के दिनों में किराये के मकान में अपराधियों और नक्सलियों के पनाह लेने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। बीट पुलिसिंग के काम में तेजी लाई जाएगी।

कोरोना की वजह से बिट पुलिसिंग पर ब्रेक लग गया था। लेकिन अब टाइगर जवानों को भी बीट पुलिसिंग का काम दिया गया है।

अब टाइगर के जवान गली-मोहल्लों में अपराध की वारदातों पर ब्रेक लगाने के साथ-साथ किराएदार वेरिफिकेशन का काम भी करेंगे।

बुधवार को रांची पुलिस लाइन में सिटी एसपी सौरभ ने टाइगर जवानों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। जिसमें उन्हें अपराध की वारदातों को कैसे रोकना है। सूचना संकलन कैसे करना है और बीट पर कैसे काम करना है, इसकी जानकारी दी गई।

इस दौरान टाइगर जवानों की समस्याएं भी सुनी गई। पूर्व में शहर में 57 टाइगर जवान थे, लेकिन हॉटस्पॉट का चयन कर इसकी संख्या बढ़ाकर 62 कर दी गई है। इनमें कुछ ग्रामीण इलाकों को भी जोड़ा गया है।

ग्रामीण इलाकों में कांके, नामकुम और तुपुदाना में अतिरिक्त तैनाती की गई है।

सिटी एसपी ने कहा कि टाइगर मोबाइल के क्षेत्र में किसी तरह के अपराध होते हैं तो वे जिम्मेदार मानें जाएंगे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी 62 मोटरसाइकिलों में जीपीएस लगे हुए है।

इन जीपीएस को लोकेशन ट्रैक करने के लिए एसएसपी, सिटी एसपी, ट्रैफिक एसपी और ग्रामीण एसपी के मोबाइल पर एक ऐप भी इंस्टॉल है। इसके जरिए यह देखा जाता है कि कौन टाइगर जवान किस लोकेशन पर हैं।

टाइगर जवानों को अपने शिफ्ट के पूरे काम का ब्यौरा देना होगा। इसके लिए टाइगर मोबाइल में पदस्थापित सभी जमादारों को एक डायरी दी गई है, जिसमें हर दिन ब्यौरा लिखेंगे। गश्ती के दौरान उन्हें घटनाओं को रोकना है।

अगर कोई व्यक्ति उस क्षेत्र में संदिग्ध नजर आता है तो इसकी जानकारी तुंरत संबंधित इलाके के थानेदार, टेट्रा और पीसीआर पुलिस को देनी होगी। सूचना के आधार पर संबंधित इलाके के थानेदार को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

टाइगर जवानों की डायरी की जांच हर दिन उनके क्षेत्र के थानेदार करेंगे। सप्ताह में एक बार इसका सुपरवीजन डीएसपी स्तर के अधिकारी भी करेंगे। टाइगर मोबाइल में तैनात जमादार दो शिफ्ट में काम करेंगे।

पहला शिफ्ट सुबह साढ़े नौ से शाम साढ़े चार बजे तक काम करेगा।

वहीं, दूसरे शिफ्ट के पदाधिकारी शाम साढ़े चार से रात साढ़े दस बजे तक तैनात रहेंगे। ठंड को लेकर इसमें कुछ बदलाव की मांग भी टाइगर जवानों ने की है, जिस पर जल्द ही सहमति बन सकती है।

टाइगर मोबाइल दस्ता को टेट्रा से भी जोड़ा गया है, ताकि हर एक घंटे में सिटी कंट्रोल से उनकी निगरानी की जाएगी। इससे यह पता चल जाएगा कि दस्ता किस क्षेत्र में और क्या कर रहा है।

शहरी क्षेत्र के 15 थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों को चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में अलग-अलग घटनाओं के लिए हॉट स्पॉट को चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में थानावार टाइगर जवानों की तैनाती की गई है।

इनमें कोतवाली में 6, सुखदेवनगर में 4, पंडरा ओपी में 3, लालपुर में 6, लोअर बाजार में 6, सदर में 4, बरियातू में 2, डोरंडा में 4, अरगोड़ा में 2, जगन्नाथपुर में 3, धुर्वा में 2, तुपुदाना में 2, चुटिया में 4, गोंदा में 3 और नगड़ी में दो टाइगर जवान पदस्थापित रहेंगे। सभी में दो-दो जमादार तैनात रहेंगे।

सिटी एसपी ने बताया कि अपराध और अपराधियों की पहचान के लिए टाइगर मोबाइल को लगाया गया है। इससे अपराध में अंकुश लगाने में सहयोग मिलेगी।

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