Latest Newsझारखंडयोगी आदित्यनाथ और त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहुंचे केदारनाथ

योगी आदित्यनाथ और त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहुंचे केदारनाथ

Published on

spot_img
spot_img
spot_img

रुद्रप्रयाग: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आज केदारनाथ धाम पहुंचे। देवस्थानम बोर्ड और केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने दोनों मुख्यंत्रियाें का भव्य स्वागत किया।

इस दौरान केदारनाथ धाम जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। दोनों मुख्यमंत्री रात की पूजा में भाग लेंगे, जबकि कपाट बंद होने से पूर्व भी मंदिर में पूजा करेंगे। समाचार लिखे जाने तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी योगी आदित्यनाथ के साथ धाम में मौजूद हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के आग्रह पर ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट बंद होने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केदारनाथ धाम पहुंचे।

रविवार शाम करीब चार बजे योगी आदित्यनाथ और त्रिवेन्द्र सिंह रावत के हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ मंदिर के पीछे बने वीआईपी हेलीपैड पर लैंडिंग की। इसके बाद दोनों मुख्यमंत्री ने यहां से आस्था पथ का निरीक्षण किया और फिर निर्माणाधीन शंकराचार्य स्थल का जायजा लिया।

वुड स्टोन कंपनी के प्रबंधक मनोज सेमवाल ने उन्हें पुनर्निर्माण कार्यो की अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष यात्रा शुरू होने से पहले शंकराचार्य समाधि स्थल का कार्य पूरा हो जायेगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ केदारनाथ मंदिर पहुंचे और यहां उन्होंने हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और फिर सेफ हाउस में चले गए।

कुछ देर यहां ठहरने के बाद उन्होंने पूजा में भाग लिया और गढ़वाल मण्डल विकास निगम में रात्रि विश्राम करेंगे। सोमवार की सुबह के समय याेगी आदित्यनाथ कपाट बंद होने की प्रकियाओं में भाग लेंगे और फिर बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे।

दोनों मुख्यमंत्रियों के केदारनाथ दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा की पुख्ता तैयारियां की गयी हैं। नवनियुक्त जिलाधिकारी मनुज गोयल एवं पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर केदारनाथ में मौजूद हैं।

भैयादूज पर्व पर सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे भगवान केदारनाथ के कपाट विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए जायेंगे। कपाट बंद करने की प्रक्रिया रात दो बजे से शुरू की गयी।

इससे पहले भगवान पंचमुखी उत्सव डोली को मुख्य पुजारी के आवास से मंदिर परिसर लाया गया और डोली को भव्य तरीके से सजाया गया।

कपाट बंद होने के बाद पंचमुखी डोली के साथ हजारों की संख्या में भक्त केदारपुरी से ओंकारेश्वर मंदिर के लिए आगमन करेंगे और भगवान केदारनाथ के दर्शन शीतकाल में ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होंगे।

पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकसी बरती गयी है। केदारनाथ धाम में चारों ओर पुलिस जवानों की तैनाती की गयी है। पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि केदारनाथ धाम में पर्याप्त संख्या में जवानों की तैनाती की गयी है।

वीआईपी कार्यक्रम को लेकर पुलिस मुख्यालय देहरादून से भी पुलिस बल भेजा गया था। इसके साथ ही धाम में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड के कमांडोज भी मौजूद हैं। धाम में सुरक्षा के मानकों को पूरा किया गया है।

नवनियुक्त जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि कपाट बंद करने को लेकर प्रशासन स्तर पर तैयारियां की गयी हैं। कपाट बंद होने के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री धाम में पहुंचे हुए हैं और दो बजे रात से कपाट बंद को लेकर प्रक्रिया शुरू हो जाएंगी।

spot_img

Latest articles

टुसू पर्व केवल उत्सव नहीं, किसानों की उम्मीद और प्रकृति से जुड़ा पर्व , राज्यपाल

Tusu Festival Organised at Morhabadi Ground: झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार (Governor Santosh Gangwar)...

नगड़ी में कृषि मेला, वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

Agricultural Fair in Nagdi: युगांतर भारती, नवचेतना ग्रामीण संस्थान, Nature Foundation, स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास...

रांची की सड़कों की बदलेगी सूरत, अब हर सड़क की होगी तय जिम्मेदारी

Face of Ranchi's Roads will Change: रांची शहर की सड़कों को साफ, सुरक्षित और...

विजय के समर्थन में राहुल गांधी का बयान, तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल

Rahul Gandhi's statement in Support of Vijay : तमिलनाडु के दौरे पर गए लोकसभा...

खबरें और भी हैं...

टुसू पर्व केवल उत्सव नहीं, किसानों की उम्मीद और प्रकृति से जुड़ा पर्व , राज्यपाल

Tusu Festival Organised at Morhabadi Ground: झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार (Governor Santosh Gangwar)...

नगड़ी में कृषि मेला, वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

Agricultural Fair in Nagdi: युगांतर भारती, नवचेतना ग्रामीण संस्थान, Nature Foundation, स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास...

रांची की सड़कों की बदलेगी सूरत, अब हर सड़क की होगी तय जिम्मेदारी

Face of Ranchi's Roads will Change: रांची शहर की सड़कों को साफ, सुरक्षित और...