Russia-Ukraine war : कीव में सड़कों पर घमासान शुरू, लोगों से शरण लेने की अपील

News Desk
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

कीव: रूसी सैनिकों ने शनिवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रवेश किया और सड़कों पर घमासान शुरू हो गया है, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से छुप जाने की अपील की है।

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ने वहां से निकल जाने के अमेरिकी प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है तथा जोर देकर कहा है कि वह राजधानी में ही रुकेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यहां जंग जारी है।’’

दो दिनों के घमासान के बाद हुई झड़पों में सैकड़ों लोग हताहत हुए हैं और पुलों, विद्यालयों और अपार्टमेंट की इमारतों को भारी नुकसान हुआ है।

अमेरिकी अधिकारियों का मानना ​​​​है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन की सरकार को उखाड़ फेंकने और इसे अपने शासन के अधीन करने को कृतसंकल्प हैं।

यह हमला दुनिया का नया नक्शा खींचने और मॉस्को के शीत युद्ध काल के प्रभाव को पुनर्जीवित करने के लिए पुतिन के सबसे साहसिक प्रयास का प्रतिनिधित्व करता है।

इसके परिणामस्वरूप, इस आक्रमण को समाप्त करने के लिए नए अंतरराष्ट्रीय प्रयास शुरू हुए हैं, जिनमें पुतिन पर सीधे तौर पर प्रतिबंध भी शामिल हैं।

विस्फोटों और बंदूकों की आवाज से दहल रहे कीव का भविष्य अधर में है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदोमीर जेलेंस्की ने संघर्षविराम की अपील की तथा अपने हताश बयान में चेतवानी दी कि देश के कई शहरों पर हमले किये जा रहे हैं।

एक वरिष्ठ अमेरिकी खुफिया अधिकारी के अनुसार अमेरिकी प्रशासन की ओर से जेलेंस्की को कीव से निकल जाने की सलाह दी गयी है, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया है।

अधिकारी इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े हैं। अधिकारी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति को उद्धृत किया, ‘‘युद्ध जारी है और उन्हें तोप-रोधी गोला-बारूद चाहिए न कि भाग निकलने की सलाह।’’

इस बीच कीव के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कहीं पनाह ले लें। खिड़कियों से दूर रहें और उड़ते हुए मलबों एवं गोलियों से बचने के लिए सावधानी बरतें।

क्रेमलिन ने कीव के बातचीत के प्रस्ताव को मंजूर किया है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि यह राजनयिक समाधान के बजाय उलझे जेलेंस्की को दबाव में लाकर विवश करना है।

रूसी सेना ने शुक्रवार को दक्षिणी यूक्रेन के मेलितोपोल शहर पर अपना दावा करते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। फिर भी, युद्ध में यह स्पष्ट नहीं था कि यूक्रेन का कितना हिस्सा अभी भी यूक्रेनी नियंत्रण में है और कितना या कौन सा हिस्सा रूसी सेना ने कब्जा कर लिया है।

Share This Article