2020 में घाटी में आंतकी घटनाएं हुई कम, युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की घटनाएं बढ़ी

News Aroma Media
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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में साल आतंकी घटनाओं में तेजी से गिरावट आई है। घाटी से आतंकियों का भी सफाया हुआ है, लेकिन दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की घटनाएं बढ़ी हैं।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि इस साल पाकिस्तान से घुसपैठ की अधिकतर कोशिशें भी फेल हुई हैं।

साल के आखिरी दिन डीजीपी दिलबाग सिंह ने पूरे साल घाटी में हुईं आतंकी गतिविधियों को लेकर बताया, 2018 और 2019 की अपेक्षा इस साल घाटी में कम आतंकी घटनाएं हुई हैं।

हालांकि 2019 की तुलना में इस साल स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की संख्या में इजाफा हुआ है।’

दिलबाग सिंह ने बताया, इसमें सकारात्मक पहलू यह है कि इसमें से 70 फीसदी का सफाया कर दिया गया है या फिर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

आतंकियों की शेल्फ लाइफ भी कम हुई है। डीजीपी ने बताया कि पिछले तीन-चार साल की अपेक्षा इस साल पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की अधिकतर कोशिशें नाकाम कर दी गई हैं।

पाकिस्तान की ओर से आतंकी गतिविधियों पर डीजीपी ने बताया, घुसपैठ की कोशिशों पर पानी फिरने की वजह से पाकिस्तानियों को स्थानीय आतंकियों पर निर्भर पड़ा और उन्होंने ड्रोन के जरिए हथियारों, विस्फोटक सामग्री और नकदी सप्लाइ करने की कोशिश की गई जिन्हें फोर्स ने नाकाम कर दिया।’

डीजीपी ने बताया कि जम्मू क्षेत्र में दर्जन भर आतंकी थे लेकिन अब ये संख्या घटकर 3 रह गई है। दिलबाग सिंह ने कहा, ‘ये आतंकी किश्तवाड़ जिले में छिपे हुए हैं जिन्हें ट्रैक किया जा रहा है।’

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