झारखंड हाई कोर्ट ने DMO रामगढ़ के शपथ पत्र पर याचिकाकर्ता को जवाब देने का दिया निर्देश

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामशुभग सिंह ने पैरवी की। उनकी ओर से पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि भुरकुंडा में कोल ट्रांसपोर्टिंग, आयरन ओर के ट्रांसपोर्टिंग, अवैध माइनिंग एवं 50 साल से ज्यादा पुराने उद्योगों के कारण प्रदूषण बढ़ा हुआ

News Desk
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रांची: Jharkhand High Court के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र (Sanjay Kumar Mishra) की अध्यक्षता वाली खंडपीठ (Bench) में बुधवार को रामगढ़ (Ramgarh) के भुरकुंडा में कोयला एवं लौह अयस्क ट्रांसपोर्टेशन एवं अवैध माइनिंग से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम को लेकर संतोष पाठक की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।

अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी

मामले में जिला खनन अधिकारी (DMO) रामगढ़ ने जवाब दाखिल कर प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई।

इसका याचिकाकर्ता ने विरोध करते हुए कहा कि सरकार ने कोयला एवं लौह अयस्क के परिवहन से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

इस पर कोर्ट ने DMO के जवाब पर याचिकाकर्ता को अपना प्रत्युत्तर देने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

लोगों को काफी परेशानी हो रही

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामशुभग सिंह ने पैरवी की। उनकी ओर से पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि भुरकुंडा में कोल ट्रांसपोर्टिंग, आयरन ओर के ट्रांसपोर्टिंग, अवैध माइनिंग एवं 50 साल से ज्यादा पुराने उद्योगों के कारण प्रदूषण बढ़ा हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

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