झारखंड : नर्स का काम करने वाली अनाथ आदिवासी युवती का यौन शोषण, कोर्ट ने सुनाई 10 साल सश्रम कारावास की सजा

उल्लेखनीय है कि अदालत ने आरोपित को 17 मई को दोषी ठहराया था तथा सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 20 मई तय की

News Desk
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कोडरमा: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अजय कुमार सिंह (Ajay Kumar Singh) की अदालत ने शनिवार को सुभाष पासवान (Subhash Paswan) को 376 IPC के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है।

साथ ही 20 हजार जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।

यौन शोषण का आरोप लगाते हुए थाना में मामला दर्ज कराया

उल्लेखनीय है कि अदालत ने आरोपित को 17 मई को दोषी ठहराया था तथा सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 20 मई तय की थी। अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक PP पीके मंडल ने किया।

इस दौरान सभी 7 गवाहों का परीक्षण कराया गया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने दलीलें पेश की। तिलैया के एक निजी क्लीनिक में नर्स का काम करने वाली अनाथ आदिवासी युवती ने विवाह का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए थाना में मामला दर्ज कराया था।

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