भारतीय शिक्षा में भारत केंद्रित होना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये: रमेश पाण्डेय

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रांची: रांची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना, विद्या भारती उच्च शिक्षण संस्थान, नोएडा एवं आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक दिवसीय क्षेत्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी का विषय ” राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के परिपेक्ष्य में शिक्षक-शिक्षा की चुनौतियां एवं समाधान ” था एवं इसकी अध्यक्षता विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के अध्यक्ष रामावतार नरसरिया ने की।

मौके पर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि आजादी के बाद ये प्रथम शिक्षा नीति है जिसमें भारतीयता के दर्शन होते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा में भारत केंद्रित होना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि शिक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं में पठन – पाठन करना अति आवश्यक है एवं हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण करते हुए नए सोच के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को शीघ्र पूरे देश में लागू करनी चाहिये।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता विद्या भारती उच्च शिक्षण संस्थान के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री केएन रघुनंदन (नोयडा) ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2021 के सन्दर्भ में विस्तार से चर्चा करते हुए नौ सूत्रों की वकालत करते हुए कहा कि भारतीयता के बिना हमारी शिक्षा का उद्देश्य पूरी नही हो सकती है।

उन्होंने नीतिगत विशेषताओं की व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें पाठ्यक्रम, पाठ्येत्तर क्रियाएं एवं पाठ्य सहगामी क्रियाओं को साथ लेकर चलने का प्रावधान किया गया है जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके ।

उन्होंने कहा कि शिक्षक अति सम्मानित होते हैं एवं उनके द्वारा दी जानी वाली शिक्षा से विद्यार्थियों को उनके जीवन में व्यापक असर होता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के लिए अपने विद्यार्थियों को संस्कारित कर उनके द्वारा सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के सन्दर्भ में कहा कि इसमें अपने सुविधा के अनुसार विद्यार्थी अपनी शिक्षा ले सकता है एवं बीच मे किसी कारण से पढ़ाई छूट जाती है उसे छूटे हुए कोर्स की पढ़ाई फिर से कर सकते हैं।

संगोष्ठी के विशिष्ठ वक्ता विद्या भारती के वरीय पदाधिकारी दिलीप कुमार झा ने कहा कि इस शिक्षा नीति में ” वसुधैव कुटुम्बकम ” के आदर्श का समावेश किया गया है।

संगोष्ठी की विशिष्ट अतिथि रांची विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति डॉ कामिनी कुमार ने कहा उच्च शिक्षा के गुणवत्ता एवं एकरूपता हेतु उच्च शिक्षा आयोग का गठन सार्थक एवं सराहनीय पहल है।

संगोष्ठी का विषय प्रवेश आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ रामकेश पाण्डेय ने विषय प्रवेश कराया।

संगोष्ठी में रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एमसी मेहता, एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार आदि उपस्थित थे।

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