चोरी का सामान दिल्ली के चोर बाजार में बेचने से पहले चोर और खरीदार गिरफ्तार

News Aroma
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Palamu Theft: एंबुलेंस का उपयोग प्रायः गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए किया जाता है, लेकिन पलामू (Palamu) जिले में इसका इस्तेमाल बैटरी चोरी करने के लिए किया जा रहा है, ताकि पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके।

हालांकि इसके बाद भी जिले की चैनपुर पुलिस ने 21-22 मई की रात बसरिया स्थित रिलायंस जिओ टावर (Reliance Jio Tower) से चोरी गयी 8 बैटरी चोरी कांड में कार्रवाई करते हुए बैटरी चोर और खरीदार को गिरफ्तार किया है।

घटना में इस्तेमाल एम्बुलेंस और चोरी गई रिलायंस जिओ टावर की आठ बैटरी बरामद की है। बरामद बैटरी की कीमत साढ़े छह लाख बताई गई है।

गिरफ्तार चोर की पहचान मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के कुंड मोहल्ला निवासी सद्दाम खलीफा पिता सफीक खलीफा के रूप में हुई है, जबकि खरीदार की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला के गुढ़ाना थाना क्षेत्र के कर्बला रोड निवासी यूनुस पिता मोबीन के रूप में हुई है।

यूनुस फिलवक्त मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के पहाड़ी मोहल्ला गोसिया नगर में रहता है। चोरी की बैटरी यूनुस के घर से ही बरामद की गई एंबुलेंस (जेएच 1डी 1413) जब्त की गई है।

चैनपुर के थाना प्रभारी श्रीराम शर्मा ने जानकारी दी कि 22 मई को गढ़वा के केतार थाना क्षेत्र के बलीगढ़ निवासी दीपक सिंह ने FIR दर्ज कराई और बताया कि 21-22 मई की रात बसरिया स्थित Reliance Jio Tower में लगी आठ बैटरी चोरी कर ली गई है। दीपक रिलायंस जिओ चैनपुर में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं।

मामला दर्ज होने के बाद अनुसंधान के दौरान जानकारी हुई कि एंबुलेंस से बैटरी चोरी की गई है। दीपक ने एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन नंबर बताया था। Ambulances को खंगाल गया तो चोर सद्दाम के संबंध में जानकारी हुई।

सद्दाम को गिरफ्त में लेकर पूछताछ की गई तो यूनुस के बारे में पता चला। दोनों से पूछताछ की गई तो सद्दाम ने बताया कि बैटरी चोरी उसने की थी और युनूस उसका खरीदार था। जमा करके बैटरी दिल्ली के चोर बाजार में बेचने की तैयारी थी।

प्रत्येक बैटरी पर 10000 सद्दाम को मिलना था, जबकि युनूस 15000 में बैटरी खरीदी थी। चोर बाजार में उसे और कीमत लगाकर बेचने की तैयारी थी।

टेक्नीशियन दीपक ने बताया है कि प्रत्येक बैटरी की कीमत 80000 है। इस तरह कुल बैटरी 6.5 लाख रुपए की हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि एंबुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया गया, ताकि वह पकड़ में नहीं आ सके।

इस संबंध में Ambulances के मालिक और चालक को कोई जानकारी नहीं है। सद्दाम सहायक के तौर पर एंबुलेंस में काम करता था और मौका मिलते ही उसने चोरी में एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया।

Share This Article