झारखंड में वित्त रहित शिक्षकों के अनुदान राशि में 75% वृद्धि का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया

News Aroma
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Jharkhand News: झारखंड के वित्त रहित हाइस्कूल, इंटर कॉलेज, मदरसा, और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन संस्थानों के लिए अनुदान राशि में 75 फीसदी वृद्धि के प्रस्ताव को तैयार किया, जिसे विभागीय मंत्री रामदास सोरेन ने मंजूरी दे दी है।

प्रस्ताव को अब अंतिम स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग से जल्द ही इस पर मुहर लगने की उम्मीद है।

पहले भी लटका था प्रस्ताव

शिक्षा विभाग ने पहले भी अनुदान राशि बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था, लेकिन कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की मांग के कारण यह अटक गया था। अब शिक्षा विभाग ने सभी सवालों का जवाब देते हुए संशोधित प्रस्ताव भेजा है।

गौरतलब है कि आखिरी बार 2015 में इन संस्थानों के लिए अनुदान राशि में वृद्धि की गई थी। तब से शिक्षक और कर्मचारी लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

इन्हें होगा फायदा?

प्रस्तावित अनुदान वृद्धि से झारखंड के 189 इंटर कॉलेज, 300 हाइस्कूल, 46 मदरसों, और 40 संस्कृत स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी को फायदा होगा। इससे उनके मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

झारखंड में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत हजारों शिक्षक और कर्मचारी न्यूनतम मानदेय पर काम कर रहे हैं, और यह वृद्धि उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेगी।

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