छापेमारी में खतरा बढ़ा: झारखंड उत्पाद विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी

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Jharkhand Excise Department faces severe staff Shortage: झारखंड के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (Prohibition Department) में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है।

इस वजह से विभाग को छापेमारी और कार्रवाई के दौरान बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

विभाग के पास अपना बल नहीं है, इसलिए छापेमारी के लिए ज्यादातर गृह रक्षकों पर निर्भर रहना पड़ता है। हालात इतने खराब हैं कि छापेमारी टीमों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है।

कर्मचारी कम, खतरा ज्यादा

विभाग में 84% पद खाली हैं, जिससे काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। अधीक्षक उत्पाद के 20 स्वीकृत पदों पर केवल 3 अधिकारी ही काम कर रहे हैं।

इसी तरह, उत्पाद सिपाही के 622 स्वीकृत पदों में सिर्फ 29 जवान तैनात हैं। कुल 1070 स्वीकृत पदों में सिर्फ 169 कर्मचारी ही मौजूद हैं।

इसका मतलब है कि स्वीकृत बल के मुकाबले वर्तमान में बल करीब दस गुना कम है। कर्मचारियों की कमी के कारण छापेमारी टीमों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।

सुरक्षा पर सवाल

इस स्थिति से विभाग (Department) की कार्यक्षमता पर असर पड़ रहा है। जिन जगहों पर छापेमारी होती है, वहाँ अक्सर टीमों पर हमला कर दिया जाता है क्योंकि उनके पास सुरक्षा बल कम होता है।

विभाग लंबे समय से अतिरिक्त कर्मियों की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो कर्मचारियों के लिए छापेमारी करना और भी खतरनाक हो सकता है।

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