झारखंड में धान खरीद की शुरुआत, पहले ही दिन 18 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद

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Paddy Procurement Begins in Jharkhand: झारखंड सरकार ने 15 दिसंबर, सोमवार से राज्यभर में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले ही दिन किसानों से अच्छी भागीदारी देखने को मिली।

सोमवार शाम पांच बजे तक कुल 18,786.09 क्विंटल धान की खरीद की गई। सरकार ने इस साल धान खरीद (Purchase Paddy) को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।

राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब तक 2 लाख 51 हजार 182 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से 3,366 किसानों को धान बेचने के लिए एसएमएस भेजा गया है, ताकि वे तय समय पर क्रय केंद्रों पर अपनी फसल ला सकें।

₹2450 प्रति क्विंटल की दर से हो रही है धान की खरीद

इस बार सरकार ने धान की खरीद दर बढ़ाकर 2,450 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। पिछले साल यह दर 2,400 रुपये प्रति क्विंटल थी।

दर बढ़ने से किसानों में खुशी देखी जा रही है और उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा किसान सरकारी खरीद व्यवस्था से जुड़ेंगे। पूरे राज्य में धान खरीद के लिए 801 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, ताकि किसानों को ज्यादा दूर न जाना पड़े।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सरकार अपने तय लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई थी। बीते तीन सालों में धान खरीद प्रभावित रही है।

खासकर 2022-23 और 2023-24 के दौरान सूखे की स्थिति और किसानों की उदासीनता के कारण सरकारी खरीद काफी कम रही। कई किसानों ने सरकारी व्यवस्था पर भरोसा नहीं किया, जिससे लक्ष्य का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही पूरा हो सका।

पिछले वर्षों में धान खरीद की स्थिति

वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार ने 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन केवल 17.16 लाख क्विंटल धान ही खरीदा जा सका, जो लगभग 29 प्रतिशत था। इसी तरह 2023-24 में भी 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले 17.02 लाख क्विंटल यानी 29 प्रतिशत ही खरीद हो पाई।

वहीं 2024-25 में स्थिति में सुधार देखने को मिला। इस वर्ष 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले 40.8 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई, जो करीब 67 प्रतिशत रही।

अब सरकार को उम्मीद है कि इस साल बेहतर व्यवस्था और बढ़ी हुई कीमत के कारण धान खरीद का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।

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