
Strictness on Bail in NDPS Cases : रांची में एनडीपीएस (NDPS) कानून से जुड़े एक गंभीर मामले में अब कानूनी लड़ाई Supreme Court तक पहुंच गई है।
राज्य सरकार ने NDPS के तहत दोषी ठहराए गए आरोपी की जमानत रद्द कराने के लिए Supreme Court में याचिका दाखिल की है।
इससे पहले Jharkhand High Court ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल महीने में सुनवाई होनी है।
2023 में भारी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी
यह मामला वर्ष 2023 का है, जब सरायकेला पुलिस ने एक वाहन से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया था। पुलिस ने उस गाड़ी से करीब 100 किलोग्राम पोपी पाउडर और 60 किलोग्राम पोपी स्ट्रॉ जब्त किया था।
जिस वाहन से यह बरामदगी हुई थी, वह आरोपी सुप्रीम पूरन के नाम पर पंजीकृत बताया गया था। यह बरामदगी NDPS कानून के तहत गंभीर अपराध मानी जाती है।
गिरफ्तारी और सजा का पूरा मामला
घटना के समय आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। बाद में नवंबर 2023 में उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी जेल में रहा।
मामले की सुनवाई के बाद सरायकेला की सक्षम अदालत ने वर्ष 2025 में अपना फैसला सुनाया और आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा दी। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
हाईकोर्ट से मिली जमानत
सजा के खिलाफ आरोपी ने High Court में अपील दायर की, जो अभी विचाराधीन है। अपील लंबित रहने के दौरान आरोपी की ओर से जमानत की मांग की गई।
High Court के न्यायाधीशों की पीठ ने सुनवाई के बाद नवंबर 2025 में आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
सरकार की आपत्ति, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
High Court के इस फैसले से राज्य सरकार संतुष्ट नहीं है। सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी वाले मामले में जमानत देना उचित नहीं है।
इसी कारण सरकार ने Supreme Court का दरवाजा खटखटाया है और जमानत आदेश को रद्द करने की मांग की है।
अब इस मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगा।
