रांची : रांची स्थित रिम्स में मरीजों के बेहतर इलाज और बुनियादी सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामले में रिम्स परिसर में अवैध नक्शा स्वीकृति और अतिक्रमण को लेकर रांची नगर निगम (आरएमसी) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रोकने की मांग की गई थी।
आरएमसी की याचिका खारिज
चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने आरएमसी की हस्तक्षेप याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज मामले की जांच जारी रहेगी। साथ ही एसीबी को 23 अप्रैल तक जांच की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया।

एसीबी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
सुनवाई के दौरान अदालत ने रिम्स प्रशासन को भी पूर्व आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर 2025 के आदेश के आलोक में रिम्स में चल रही नियुक्तियों और मेडिकल उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को 30 मई तक पूरा किया जाए।
नियुक्ति और उपकरण खरीद पर समयसीमा
अदालत ने यह भी कहा कि पूर्व आदेशों के अनुपालन को लेकर रिम्स निदेशक अगली सुनवाई में जवाब दाखिल करें। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार दुबे ने पक्ष रखा।
अगली सुनवाई में जवाब तलब
हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब सभी की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है, जहां जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रगति पर रिपोर्ट पेश की जाएगी।




