डीएसपीएमयू में गैर-शिक्षक कर्मचारियों का आंदोलन तेज, विश्वविद्यालय में तालाबंदी

Archana Ekka
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. दो सप्ताह से जारी है कर्मचारियों का धरना

रांची : रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में गैर-शिक्षक कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से धरना देने के बावजूद कुलपति डॉ. के.के. सिंह अब तक विश्वविद्यालय परिसर नहीं पहुंचे हैं। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर दी और अपने आंदोलन को और तेज कर दिया।

कामकाज पर पड़ा असर, कई विभागों में ‘पेन डाउन’

कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय का नियमित कामकाज प्रभावित हो गया है। कई विभागों में ‘पेन डाउन’ की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि कुलपति के पास तीन विश्वविद्यालयों का अतिरिक्त प्रभार है, लेकिन इतने बड़े आंदोलन के बावजूद उनका परिसर में नहीं आना गंभीर विषय है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग एमएसीपी (MACP) भुगतान को फिर से बहाल करना है। उनका कहना है कि जुलाई 2020 से सीनेट, सिंडिकेट और वित्त विभाग की मंजूरी के बाद एमएसीपी का भुगतान हो रहा था, लेकिन बाद में इसे अचानक रोक दिया गया। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस भुगतान को तुरंत फिर से शुरू किया जाए।

कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल की नीति पर भी सवाल

इसके अलावा कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले 11 महीने के आधार पर कॉन्ट्रैक्ट नवीनीकरण किया जाता था, लेकिन अब बिना स्पष्ट नीति के इसे 31 मार्च 2026 तक सीमित कर दिया गया है, जो नियमों के खिलाफ है।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक ‘पेन डाउन’ आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल कर्मचारी प्रशासनिक भवन परिसर में ही डेरा डालकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां वे खाना बना रहे हैं और रात में भी वहीं रह रहे हैं।

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