
विवेकानंद सिंह कुशवाहा
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। पांचवीं सीट यदि महागठबंधन जीत लेती है, तो वह जदयू और नीतीश चाचा को यह ऑफर करने की स्थिति में होगा कि आप पलट जाओ। यही कारण है कि एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार किसी भी तरह से जीत हासिल करने के लिए दिये गये हैं। पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को तीन विधायक चाहिए, जबकि महागठबंधन को अपने विधायक बचाते हुए छह विधायक चाहिए। मान लीजिए कि जदयू के कुछ विधायकों को पलटने का मन हो भी तो वह चाह कर भी नहीं पलट पायेंगे, क्योंकि जदयू के दो उम्मीदवार की जीत के लिए 82 वोट लग जायेंगे। तीन ऐसे विधायकों को खाली रखा जायेगा, जो पलटने की सोच रखने वाले नहीं हों।
एनडीए की ओर से पांचवीं सीट पर उम्मीद है कि भाजपा के शिवेश राम उम्मीदवार होंगे, ताकि भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल दल लोजपा (आर), हम और रालोमो के विधायक भी हर हाल में एनडीए के साथ रहें। रालोमो के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के उम्मीदवार होने की स्थिति में कुछ इधर-उधर हो भी सकने की गुंजाइश बन सकती है। क्योंकि महागठबंधन ने धनबली एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जो विधायकों को बड़ा ऑफर दे सकते हैं। ऐसे में अगले दो दिन बिहार की राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। आपको क्या लगता है, कौन मारेगा बाजी?
