
डेस्क: देश में हवाई यात्रा अब आम लोगों के लिए और महंगी हो गई है। कई एयरलाइंस ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को हवाले देकर हवाई किराए में अचानक इजाफा कर दिया है। इस कदम का असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और इजरायल के बीच तनाव और अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार में बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस ने यह फैसला लिया है।
ईंधन की बढ़ती कीमतें और एयरलाइंस की प्रतिक्रिया
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि के बाद कई एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। सरकार ने एविएशन सेक्टर को सपोर्ट देने के लिए कीमतों में कुल 25% बढ़ोतरी की अनुमति दी थी, लेकिन आम यात्रियों को राहत देने के लिए घरेलू उड़ानों में प्रभावी बढ़ोतरी को करीब 8% तक सीमित रखा गया था। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने पहले 425 रुपए का फ्लैट फ्यूल सरचार्ज हटा दिया है और अब दूरी-आधारित नया सरचार्ज लागू किया है। इसका सबसे बड़ा असर लॉन्ग-हॉल रूट्स जैसे यूरोप के लिए उड़ानों पर पड़ा है। नई दरें पहले ही प्रभावी कर दी गई हैं।
सरकार की संभावित कार्रवाई
यात्रियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए केंद्र सरकार अब हस्तक्षेप करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही सरकार एयरलाइंस के साथ बैठक कर सकती है ताकि आम लोगों को महंगी हवाई यात्रा का सामना न करना पड़े और किराए पर संतुलन बनाए रखा जा सके। यह बढ़ोतरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे टिकट बुकिंग से पहले नई दरों की जानकारी ले लें।
