
कार्यक्रम में न्यूज अरोमा के सीएमडी बीबी वर्मा को किया गया सम्मानित
रांची (मांडर) : कार्तिक उरांव एकेडमी ऑफ एक्सीलेंस ग्रामीण खासकर उचरी के ग्रामीण बच्चों के सुनहरे भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां पढ़ने वाले किसान मां-बाप के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और न जाने किस किस प्रोफेशन में जायेंगे और अपनी प्रतिभा का परचम लहरायेंगे। इनके कार्यों से झारखंड और समूचा देश गौरवान्वित होगा। सोमवार को ये बातें कार्तिक उरांव एकेडमी ऑफ एक्सीलेंस के डायरेक्टर और पूर्व आइपीएस अधिकारी डॉ अरुण उरांव ने कहीं। वे स्कूल के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज से 11 साल पहले वर्ष 2011 में बाबा कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला की नींव रखी गयी थी, आज रांची-गुमला और लोहरदगा में रात्रि पाठशाला की संख्या बढ़कर 141 हो गयी है और इनमें 7000 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों की सोच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विकसित करना चाहते हैं लेकिन यह भी चाहते हैं कि वे अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़े रहें। अपनी विरासत की कद्र करें और पढ़कर लिखकर एक आदर्श नागरिक बनें।
कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व डीजीपी आर आर प्रसाद ने कहा कि लातेहार और जमशेदपुर में बतौर आइपीएस अधिकारी डॉ अरुण उरांव का काम शानदार रहा है। जब उन्होंने रात्रि पाठशाला की शुरुआत की थी तब और अब कार्तिक उरांव एकेडमी ऑफ एक्सीलेंस का भवन बन गया है, मुझे यकीन है कि यह आगे चलकर शिक्षा का मंदिर बनकर ग्रामीण बच्चों के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की राह खोलेगा। कार्यक्रम में आइआरएस अधिकारी आशीष तिर्की ने कहा कि यह स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में एक माइलस्टोन साबित होगा और इसे संसाधन उपलब्ध कराने के लिए वे अपनी ओर से भी पहल करेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर की एजुकेटर मनीषा धवन ने कहा कि इस विद्यालय के बच्चे आनेवाले दिनों में बड़े पदों पर आसीन होंगे। मैं खुशनसीब हूं कि डॉ अरुण उरांव की रात्रि पाठशाला की मुहिम का हिस्सा बन सकी। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि ये कोई सामन्य स्कूल नहीं है। यह एक स्वप्न है जो साकार हुआ है। अब गांव के अनगढ़ हीरों को चमकाने की जिम्मेवारी इस विद्यालय के शिक्षकों की है। इस विद्यालय से भी हीरे निकलेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित सीयूजे के वाइस चांसलर डॉ सारंग मेढेकर ने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षा का मकसद नंबर हासिल करना नहीं बल्कि ज्ञानार्जन करना होना चाहिए। कार्यक्रम में गणमान्य अतिथि के रुप में सुशील उरांव, विजयलक्ष्मी बाड़ा, सीयूजे के प्रोफेसर कुंजबिहारी पांडा और उनकी पत्नी, मुखिया बहादुर उरांव समेत अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला के संयोजक अनिल उरांव ने किया। वहीं मंच संचालन कार्तिक लोहरा ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्तिक उरांव रात्रि पाठशाला के बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित रहें।
