
School Fee Transparency : राजधानी रांची में निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि में मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर शुल्क निर्धारण समिति का गठन किया गया है, जो फीस से जुड़े मामलों की निगरानी करेगी।
इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करने के लिए उपायुक्त मंजूनाथ भंजत्री ने 13 अप्रैल को निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक बुलाई है। यह बैठक आर्यभट्ट सभागार में दोपहर एक बजे आयोजित होगी।
बैठक में शुल्क समिति के गठन, उसकी कार्यप्रणाली तथा स्कूलों द्वारा फीस निर्धारण की प्रक्रिया पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही सूचना के अधिकार कानून के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन में निजी स्कूलों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा होगी।
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब स्कूलों को फीस वृद्धि के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। शुल्क समिति के दिशा-निर्देशों के तहत केवल 10 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ोतरी की अनुमति दी जाएगी। इससे अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से मनमानी फीस वृद्धि को लेकर शिकायत करते रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पहल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अभिभावकों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गई है।

