
नई दिल्ली : लता मंगेशकर की मधुर आवाज का जादू लोगों के दिलों तक पहुँचता था। वे ऊँचे-ऊँचे सुरों को आसानी और सुरीली आवाज में गाती थीं। उन्होंने दिलीप कुमार के साथ भी काम किया था और उनके कहने पर अपने उर्दू उच्चारण पर बहुत मेहनत की थी। लता मंगेशकर ने हिंदी, मराठी, बंगाली और कई अन्य भाषाओं में 30 हजार से अधिक गाने गाए थे। इसमें रोमांटिक से लेकर दुखभरे गीत और भजन शामिल हैं। वे अपने हर गाने को परफेक्शन के साथ गाना पसंद करती थीं, फिर चाहे उन्हें कितनी बार अभ्यास करना पड़े।
आज ऐसा ही एक किस्सा हम आपको बताने वाले हैं, जब सिंगर ने एक सुपरहिट गाने को मना कर दिया था। हम बात कर रहे हैं साल 1961 में आई फिल्म हम दोनों के प्रसिद्ध गीत ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ के बारे में। गाने के बोल महान कवि साहिर लुधियानवी ने लिखे थे।
बताया जाता है कि शुरुआत में लता मंगेशकर इस गाने को गाने के लिए तैयार नहीं थीं, क्योंकि उन्हें इसके कुछ हिस्सों और प्रस्तुति को लेकर संदेह था। हालांकि बाद में समझाने और बदलाव के बाद उन्होंने इस गीत को गाया और यह गाना इतिहास के सबसे यादगार रोमांटिक गीतों में शामिल हो गया।

