
नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के नोएडा में बेहतर मानदेय और सुविधाओं की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित दरें 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी के रूप में मिलेंगे।
हिंसा पर पुलिस का सख्त एक्शन: 7 FIR दर्ज
सोमवार को नोएडा में हजारों की संख्या में फैक्टरी श्रमिकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने अब तक 7 FIR दर्ज की हैं। उन्होंने कहा, “अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने भीड़ को उकसाने का काम किया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।”
नियोक्ताओं और संगठनों के साथ चर्चा के बाद फैसला
प्रशासन के अनुसार, वेतन वृद्धि का यह निर्णय नियोक्ता संगठनों और श्रमिक संगठनों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। सरकार का दावा है कि इस ‘संतुलित और व्यावहारिक’ परिणाम तक पहुंचने के लिए सभी पक्षों के सुझावों और आपत्तियों पर गहनता से विचार किया गया है। सोमवार की हिंसा के बाद सरकार ने तुरंत एक समिति गठित कर श्रमिकों और उद्योग मालिकों के बीच संवाद स्थापित किया था, जिसके बाद यह संशोधित वेतन ढांचा सामने आया है।

